लंपी रोग से बचाव के लिए तेज हुआ टीकाकरण, 40 हजार पशुओं को लगा टीका; 113 गौशालाएं पूरी तरह कवर

प्रयागराज में इस साल अब तक लंपी स्किन डिजीज का कोई मामला नहीं, 30 नवंबर तक गांव-गांव चलेगा टीकाकरण और जागरूकता अभियान

लंपी रोग से बचाव के लिए तेज हुआ टीकाकरण, 40 हजार पशुओं को लगा टीका; 113 गौशालाएं पूरी तरह कवर

लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) से पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए जिले में टीकाकरण अभियान तेज कर दिया गया है। राहत की बात है कि प्रयागराज में इस वर्ष अब तक लंपी रोग का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद पशुपालन विभाग ने एहतियात के तौर पर गांव-गांव टीकाकरण और जागरूकता अभियान शुरू किया है। अभियान सोमवार से शुरू होकर 30 नवंबर तक चलेगा।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शिवनाथ यादव ने बताया कि जिले में पशुओं के टीकाकरण के लिए 48 हजार टीके प्राप्त हुए थे। इनमें से करीब 40 हजार पशुओं को टीका लगाया जा चुका है। शेष पशुओं के टीकाकरण के लिए वैक्सीन की मांग भेज दी गई है। जल्द ही अतिरिक्त वैक्सीन मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि प्रयागराज-मध्य प्रदेश सीमा से लगे क्षेत्र में सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में विशेष रूप से टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। जिले की सभी 113 गौशालाओं में पशुओं का टीकाकरण पूरा कराया जा चुका है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी पशु चिकित्सा टीमें पहुंचकर पशुपालकों को टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रही हैं।

पशुपालकों की सुविधा के लिए दो गांवों के बीच एक शिविर लगाया जा रहा है। जरूरत के अनुसार एंबुलेंस भी गांवों तक पहुंचाई जा रही है, ताकि पशुओं की जांच और उपचार में किसी तरह की परेशानी न हो। विभाग की टीमें पशुपालकों को लंपी रोग के लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी भी दे रही हैं।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शिवनाथ यादव ने कहा प्रयागराज में इस वर्ष अभी तक लंपी रोग का कोई मामला सामने नहीं आया है। फिर भी पशुपालक किसी तरह की लापरवाही न करें और अपने गौवंशीय समेत अन्य पात्र पशुओं का समय से टीकाकरण जरूर कराएं। गांवों में पहुंच रही पशु चिकित्सा टीमों का सहयोग करें। पशुओं में असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सक को सूचना दें। विभाग बीमारी की रोकथाम के लिए पूरी सतर्कता के साथ अभियान चला रहा है।”