सोसाइटी के अंदर घूमाते समय खतरनाक नस्ल के कुत्ते ने किया पग पर हमला, उपचार के दौरान मौत, मुकदमा दर्ज
सोसाइटी के अंदर घूमाते समय खतरनाक नस्ल के कुत्ते ने किया पग पर हमला, उपचार के दौरान मौत, मुकदमा दर्ज
नोएडा, 13 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश के नोयडा में थाना फेस- 2 क्षेत्र के ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में रहने वाली एक महिला के पालतू पग को सोसाइटी मे ही रहने वाली एक महिला के खतरनाक नस्ल के कुत्ते ने काट लिया। इस घटना में उसकी मौत हो गई। इस मामले में महिला ने पालतू कुत्ते की मालकिन और डाग वाकर के खिलाफ बीती रात को मुकदमा दर्ज करवाया है।
थाना फेस- 2 के प्रभारी निरीक्षक राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि नमिता सिंह पत्नी कदम सिंह ने बीती रात को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह ग्रैंड ओमेक्स सोसायटी सेक्टर 93 बी में रहती हैं। उनके अनुसार उन्होंने एक पग पाल रखा है, जिसका नाम गोगो था। उनके अनुसार वह 11 अक्टूबर को शाम के समय वह अपने पग को सोसाइटी में टहला रही थी, तभी खुशी त्यागी का डॉग वाकर उनके खतरनाक किस्म के कुत्ते को लेकर घूमाने आया। उनके अनुसार खुशी त्यागी का कुत्ता काफी आक्रामक है और उसने पूर्व में भी उनके कुत्ते के ऊपर हमला किया था। उन्होंने इस बात को सोसाइटी के सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर उठाया था। उनका आरोप है की खतरनाक नस्ल के कुत्ते के मुंह मे मजाल नहीं लगाया गया था। इसके बावजूद भी खुशी त्यागी ने अपने पालतू कुत्ते को सोसाइटी के एक ऐसे व्यक्ति के साथ घूमने के लिए छोड़ दिया है जो ना तो कुशल था ना ही प्रशिक्षित था और ना ही प्रमाणित डाग वाकर/ ट्रेनर है। 11 अक्टूबर को जब वह अपने पग को घुमा रही थी तभी खुशी त्यागी के हिंसक नस्ल के कुत्ते ने उनके पग पर हमला कर दिया। इस घटना में वह नीचे गिर गई, तथा उनके पग को खतरनाक कुत्ते ने काट लिया। लोगों ने उसके चंगुल से उनके पग को छुड़ाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह तब तक उसे काटता रहा जब तक उसने यह नहीं समझ लिया कि पग मर गया है। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां पर उसकी मौत हो गई। महिला के अनुसार गोगो 9 साल से उनके परिवार के सदस्य की तरह था। उसकी मौत से उनका पूरा परिवार सदमे में है। इस घटना की एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 291, 115(2) तथा पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 के 11 (1) (ए) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।