बसपा प्रमुख मायावती ने पदाधिकारियों संग किया चुनावी मंथन, विरोधियों की लुभावनी रेवड़ियों -वादाें से किया सावधान
लखनऊ में 9 अक्टूबर को बसपा के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि पर होगा बड़ा आयोजन
लखनऊ, 31 अगस्त। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने जनता से अपील की है कि विरोधी दलों के लुभावने वादों और विश्वासघात आदि से बचकर चुनाव में अपनी मर्जी से स्वतंत्र व निष्पक्ष होकर वोट करें, जो देश व जनहित में अति आवश्यक है। उन्हाेंने पदाधिकारियाें से विराेधी दलाें की चुनावी रेवड़ियाें से सावधानी रहने का भी आग्रह किया।
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बसपा प्रमुख मायावती ने सोमवार को लखनऊ के माल एवेन्यू स्थित पार्टी के राज्य मुख्यालय में बैठक की। इस बैठक में उत्तर प्रदेश स्टेट, मण्डल यूनिट व सभी 75 जिलों के जिला अध्यक्षों सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक में खासकर पार्टी उम्मीदवारों के चयन की प्रगति समेत आगामी विधानसभा आमचुनाव की तैयारियों की गहन समीक्षा की। इसके अलावा इस बैठक में यूपी संगठन की पिछली दो बैठकों में वोटर लिस्ट की चुनाव आयोग द्वारा हुये एसआईआर उपरान्त पोलिंग बूथ स्तर तक की कमेटियों के पुनर्गठन को युद्ध स्तर पर पूरा किये जाने की स्थिति की समीक्षा की। उनके द्वारा कमियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिये गये।
पार्टी संगठन सम्बंधी मण्डलवार प्रगति रिपोर्ट लेने के बाद मायावती ने बैठक को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि चुनावी स्वार्थ के लिये वोटिंग पूर्व महिलाओं आदि को अनेकों प्रकार के निजी लाभ पहुंचाने वाली 'रेवड़ियों सहित विभिन्न प्रकार के लुभावने वादे एवं घोषणाओं के माध्यम से चुनावों को गलत रूप से प्रभावित किया जाता है। लेकिन चुनाव बाद सरकार बनने पर देश भर के राज्यों में जो जनता से वादाखिलाफी हो रही है, उससे विशेषकर प्रदेश की जनता को आगाह करना जरूरी है, ताकि लोग विरोधी पार्टियों के ऐसे छलावों व विश्वासघात आदि से बचकर चुनाव में अपनी मर्जी के हिसाब से स्वतंत्र व निष्पक्ष होकर वोट कर सकें, जो देश व जनहित में अति आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में चुनाव के बाद सरकार बन जाने पर ऐसी ही लगातार वादाखिलाफी, विश्वासघात व जनहित व जनकल्याण के प्रति गैर-ज़िम्मेदारी आदि के विरुद्ध बसपा के संघर्ष के साथ-साथ 'जेन-जी व जेन-अल्फा तक को ऐसे जनविरोधी रवैयों के कारण संघर्ष के लिये उतरकर पुलिस मुकदमा आदि जैसे सरकारी दमन का सामना करना पड़ रहा है।
बसपा सुप्रीमाे ने कहा कि वास्तव में महंगाई के साथ-साथ गरीबी, बेरोज़गारी व पिछड़ेपन आदि के कारण मजबूरी के पलायन से यूपी की जनता त्रस्त है। इसके निदान के लिए सरकार जो भी घोषणायें कर रही है वह ऊँट के मुँह में जीरा के समान है। यह समाधान का कम व चुनावी छलावा ज्यादा लगता है, क्योंकि जनहित व जनकल्याण का दायित्व अनवरत निभाना सभी सरकारों की संवैधानिक ज़िम्मेदारी है, जिसको हर वर्ष जारी रखना है। बसपा ने अपनी सरकारों में बिना मुहुर्त ओर चुनाव की प्रतीक्षा किए बिना लगातार मदद करके दिखाया है, जो किसी से छिपा नहीं बल्कि सर्वविदित है।
मायावती ने कहा कि 9 अक्टूबर को बसपा के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि है। इस अवसर पर होने वाले सभी कार्यक्रम को पूरी मिशनरी भावना से आयोजित किए जाए। इस वर्ष यह कार्यक्रम केवल लखनऊ में कांशीराम स्मारक स्थल' में होगा, जहां पश्चिम यूपी सहित पूरे प्रदेश भर के लोग एकत्र होकर अपनी श्रद्धांजलि एवं श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे।
वहीं, यूपी-दिल्ली सीमा पर स्थापित 'बहुजन प्रेरणा केन्द्र' में रख-रखाव का सरकारी कार्य चल रहा और इस दौरान लोगों की भीड़ एकत्र होने पर किसी दुर्घटना आदि की संभावना से बचा जा सके। इसीलिये इस वर्ष पश्चिम यूपी के लोग भी, यूपी के अन्य मण्डल के लोगों की तरह, राजधानी लखनऊ आकर कांशीराम स्मारक स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पड़ोसी देश नेपाल में बाढ़ के प्रलय में भारतीयों सहित जान-माल की हुई भारी हानि अति-दुखद व पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी सहानुभूति प्रकट की है। उन्होंने कहा कि उसके फलस्वरूप यूपी में भी बाढ़ की विभीषिका के प्रति केन्द्र व राज्य सरकारों को सभी प्रभावित लोगों की हर प्रकार से मदद को तुरन्त आगे आना चाहिये, वरना ख़ासकर यूपी के पूर्वांचल के लोगों का जीवन गरीबी, भूख और कर्ज़ के शोषण आदि की मार के कारण और भी अधिक कठिन होता जायेगा। आपदा योजनाओं का लाभ तत्काल जरूरतमन्द लोगों को मिले तो यह सही होगा। वैसे भी बाढ़ का प्रकोप हर वर्ष की त्रास्दी है, इसलिए इसके स्थायी समाधान की ज़रूरत है।
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