मऊ में सड़क के लिए दो बच्चियों ने DM से लगाई गुहार, वीडियो वायरल
: विवेकानंद कॉलोनी की काव्या और तृषा ने बताई स्कूल आने-जाने की परेशानी; नगर पालिका के मुताबिक सड़क की पैमाइश हो चुकी है, एस्टीमेट तैयार होने के बाद निर्माण शुरू होगा।
मऊ, 21 सितंबर उत्तर प्रदेश में मऊ जिले के वार्ड नंबर सात स्थित विवेकानंद कॉलोनी की सड़क समस्या को लेकर दाे मासूम बच्ची काव्या और तृषा ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई हैं। डीएम से ग़ुहार लगाती इन दाेनाें बच्चियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।
इलाके की रहने वाली दाेनाें बच्चियां काव्या और तृषा सीआरपीएफ जवान अमित सिंह की बेटियां हैं। उनके पिता छत्तीसगढ़ के सुकमा में ड्यूटी पर तैनात हैं। बच्चियों ने वायरल वीडियो के माध्यम से जिलाधिकारी से रास्ते की समस्या का समाधान कराने की अपील की है। बच्चियों का कहना है कि उनके पिता बाहर ड्यूटी करते हैं और रास्ते की हालत खराब होने के कारण उन्हें स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। पक्की सड़क न हाेने पर स्थानीय लोग और बच्चियाें के परिजनों ने अपने स्तर से मिट्टी डालकर और ईंटें लगाकर आवागमन के लिए रास्ता तैयार किया था। बारिश के कारण यह अस्थायी रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
रास्ते की समस्या को लेकर बच्चियों के परिजन नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी से भी शिकायत कर चुके हैं। लेकिन समस्या का उचित समाधान नहीं होने पर बच्चियों ने वीडियो बनाकर अपनी परेशानी सीधे जिलाधिकारी के सामने रखी है।
वायरल वीडियाे की हकीकत जानने के लिए कुछ पत्रकाराें ने बच्ची काव्या से बातचीत भी की। काव्या और उनके परिजनों ने बताया कि सड़क बनवाने के लिए नगर पालिका में गुहार लगाई गई थी, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। इसके बाद बच्चियों ने जिलाधिकारी से गुहार लगाने के उदृेश्य से यह वीडियो बनाकर साेशल मीडिया में वायरल किया है।
बच्चियों ने यह काम कक्षा एक की छात्रा समरा नाज से प्रेरित होकर किया है। दरअसल हाल ही में छात्रा समरा नाज अपने स्कूल कीद ड्रेस में जिलाधिकारी के जनता दरबार में पहुंचकर सड़क बनवाने की गुहार लगाई थी। छात्रा का वीडियो सोशल मीडिया और मीडिया में तेजी से वायरल होने के बाद जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए नगर पालिका को सड़क की नापी कराकर निर्माण कराने के निर्देश दिए थे। 15 दिन के भीतर सड़क का निर्माण करा दिया गया। सड़क निर्माण के बाद पिछले सप्ताह जिलाधिकारी आनंद वर्धन समरा नाज के घर पहुंचे थे। उन्होंने बच्ची को साइकिल और चॉकलेट उपहार में दी और सड़क पर साइकिल चलवाया। समरा नाज के मामले में प्रशासन की पहल के बाद अब काव्या और तृषा का वीडियो सामने आने से लोगों की नजर जिलाधिकारी की अगली कार्रवाई पर है।
काव्या और तृषा की अपील सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि प्रशासन उनकी सड़क की समस्या का भी समाधान कराएगा। इस संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मणि भूषण तिवारी ने बताया कि बच्ची काव्या का आवेदन मेरे तक पहुंचा चुका है। सड़क की पैमाइश करवा ली गई है। एस्टीमेट बनने के लिए चला गया है, जल्द ही सड़क बनाने का काम शुरू हो जाएगा।