मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद: ईदगाह कमेटी की संशोधन अर्जी हाईकोर्ट में स्वीकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लिखित कथन में सुधार की अनुमति दी; संशोधित जवाब दाखिल करने के लिए 30 दिन का समय, अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को।

मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद: ईदगाह कमेटी की संशोधन अर्जी हाईकोर्ट में स्वीकार

प्रयागराज, 18 सितंबर । मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में ईदगाह कमेटी के संशोधन आवेदन को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है और अगली सुनवाई के लिए 13 अक्तूबर की तारीख तय की गई है। न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकल पीठ ने शाही ईदगाह कमेटी को अपने लिखित कथन में आवश्यक सुधार करने की अनुमति देते हुए नया जवाब दाखिल करने का समय प्रदान किया है।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईदगाह कमेटी की ओर से वरिष्ठ वकीलों और कानूनी टीम ने कहा कि उनके पूर्व में दाखिल लिखित कथन में कुछ तकनीकी खामियां और टाइपिंग त्रुटियां रह गई थीं। कमेटी के अधिवक्ताओं ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न नज़ीरों और कानूनी फैसलों का हवाला देते हुए पीठ को आश्वस्त किया कि यह केवल एक तकनीकी सुधार है जिसे कानून के दायरे में रहते हुए संशोधित करने की अनुमति दी जानी चाहिए। अदालत ने इन तर्कों को स्वीकार करते हुए संशोधन अर्जी को मंजूरी प्रदान की और नया एवं संशोधित लिखित कथन दाखिल करने के लिए 30 दिनों का समय दिया है।

इसी सुनवाई के दौरान वादी पक्ष महेंद्र प्रताप सिंह द्वारा सिविल वाद नंबर 13 में दाखिल की गई फोटोकॉपी और पुरानी अर्जियों को लेकर भी ईदगाह कमेटी के वकीलों ने आपत्ति जताई कि इस चरण में महज फोटोकॉपी के आधार पर दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर नहीं लिया जा सकता क्योंकि उनकी विश्वसनीयता संदिग्ध है। अदालत द्वारा इस तर्क को न्यायसंगत माने जाने के बाद वादी पक्ष के इन्हें वापस लेने के आधार पर खारिज कर दी।