चित्रकूटधाम महायोजना-2031 को शासन की मंजूरी, शहरी विकास और पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
- व्यावसायिक क्षेत्र 56 से बढ़कर 183 हेक्टेयर, आवासीय क्षेत्र में भी बड़ा विस्तार -नई टाउनशिप, मल्टीमॉडल हब और बेहतर कनेक्टिविटी से बदलेगी शहर की तस्वीर
चित्रकूट, 14 अक्टूबर । धर्मनगरी चित्रकूट के सुनियोजित विकास और आध्यात्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश शासन ने चित्रकूटधाम–कर्वी महायोजना-2031 को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस महायोजना के लागू होने से शहर के नियोजित विस्तार, आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों, सड़क संपर्क, पर्यटक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। महायोजना में बढ़ती आबादी, भविष्य की शहरी जरूरतों और चित्रकूट की धार्मिक एवं पर्यटन संबंधी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए भू-उपयोग में व्यापक बदलाव किए गए हैं।
व्यावसायिक क्षेत्र में तीन गुना से अधिक विस्तार
महायोजना-2021 की तुलना में नई महायोजना में व्यावसायिक भू-उपयोग क्षेत्र को 56 हेक्टेयर से बढ़ाकर 183 हेक्टेयर कर दिया गया है। वहीं, आवासीय भू-उपयोग क्षेत्र 626 हेक्टेयर से बढ़ाकर 1,534 हेक्टेयर किया गया है। इससे भविष्य में आवासीय जरूरतों को पूरा करने, व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार और नए विकास क्षेत्रों को नियोजित स्वरूप देने का मार्ग प्रशस्त होगा। प्रमुख मार्गों के आसपास आवश्यकतानुसार कृषि भू-उपयोग में परिवर्तन कर आवासीय एवं व्यावसायिक विकास की व्यवस्था भी की गई है।
प्रमुख मार्गों के किनारे विकसित होंगे नए क्षेत्र
महायोजना में झांसी–कर्वी–प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग-35, बेड़ी पुलिया से चित्रकूट के रामघाट एवं शंख चौराहा मार्ग, देवांगना मार्ग, बूढ़ा राजापुर मार्ग, पहाड़ी–राजापुर मार्ग, शिवरामपुर–चित्रकूट मार्ग और शिवरामपुर–कामदगिरी मार्ग पर नियोजित आवासीय एवं व्यावसायिक विकास का प्रावधान किया गया है। इन मार्गों के आसपास मिश्रित भू-उपयोग की व्यवस्था से आवास, कारोबार और अन्य शहरी गतिविधियों के विकास को दिशा मिलेगी।
देवांगना मार्ग पर टाउनशिप और मल्टीमॉडल हब का प्रस्ताव
महायोजना की प्रमुख विशेषताओं में देवांगना मार्ग पर आवासीय टाउनशिप, मल्टीमॉडल हब और व्यावसायिक क्षेत्र के विकास का प्रस्ताव शामिल है। इसके साथ ही बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे लिंक मार्ग को बेड़ी पुलिया और बस स्टेशन तक जोड़ने की योजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन प्रस्तावों से शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन बेहतर बनाने और पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
पर्यटन सुविधाओं, पार्किंग और हरित क्षेत्रों पर जोर
चित्रकूट देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख धार्मिक केंद्र है। ऐसे में महायोजना में बेहतर सड़क संपर्क, पार्किंग, पर्यटक सुविधाओं, पार्कों और हरित पट्टियों के विकास पर जोर दिया गया है। हवाई अड्डे एवं एक्सप्रेस-वे से संपर्क को बढ़ावा देने की परिकल्पना भी की गई है। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से होटल, परिवहन, स्थानीय व्यापार और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
नियोजित विकास से बदलेगी धर्मनगरी की तस्वीर
चित्रकूटधाम–कर्वी महायोजना-2031 को शासन की मंजूरी शहर के भविष्य के विकास की दृष्टि से अहम मानी जा रही है। आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों के विस्तार के साथ सड़क संपर्क, नागरिक सुविधाओं और पर्यटन ढांचे को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने का अवसर मिलेगा। अब महायोजना के प्रावधानों के अनुरूप योजनाओं के क्रियान्वयन से धर्मनगरी को सुव्यवस्थित, सुविधायुक्त और पर्यटन के लिहाज से अधिक सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा।