अयोध्या में 20 अक्टूबर को निकलेगी मां भगवती की विसर्जन शोभायात्रा, सुरक्षा संभालेंगी शक्तिवाहिनी की टीमें

सुबह 10 बजे राजकीय इंटर कॉलेज से शुरू होगी शोभायात्रा, दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए कार्यकर्ताओं को दिया जाएगा प्रशिक्षण

अयोध्या में 20 अक्टूबर को निकलेगी मां भगवती की विसर्जन शोभायात्रा, सुरक्षा संभालेंगी शक्तिवाहिनी की टीमें

 शारदीय नवरात्र के साथ ही अयोध्या में दुर्गा पूजा और रामलीला उत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय दुर्गापूजा एवं रामलीला समन्वय समिति ने ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में उत्सव को व्यवस्थित, सुरक्षित और भव्य बनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में समिति के जिलाध्यक्ष मनोज जायसवाल ने ग्रामीण पूजा समितियों के प्रमुखों से मुलाकात कर आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। वहीं, शहर में विभिन्न विभागों की ओर से चल रहे निर्माण कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए सड़कों को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की।

मनोज जायसवाल ने ग्रामीण समितियों के प्रमुखों ध्रुव गुप्ता, हेमंत गुप्ता, प्रमोद सोनी, दीपक गुप्ता योगी, महेश कौशल, रोशन अग्रहरि, अशोक गुप्ता, भगवती प्रसाद गुप्ता दयालु और अयोध्या धाम के धनुषधारी शुक्ल से मुलाकात की। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में दुर्गा पूजा उत्सव को सुंदर और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निर्माण कार्यों की धीमी गति पर उठाए सवाल

समिति के जिलाध्यक्ष मनोज जायसवाल ने चौक घंटाघर से फतेहगंज रेलवे क्रॉसिंग तक सीवर लाइन के कार्य में देरी और रेलवे क्रॉसिंग से हनुमानगढ़ी नाका तक जल निगम व जलकल के कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उत्सव के दौरान इन मार्गों पर निर्माण कार्य अधूरे रहने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और लोगों में आक्रोश बढ़ सकता है।

समिति के जिला संयोजक गगन जायसवाल ने नगर निगम के निर्माण अनुभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस वर्ष निर्माण कार्यों में असामान्य रूप से देरी हो रही है। उन्होंने नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, जल निगम, जलकल और विकास प्राधिकरण से अपने-अपने अधीन आने वाली सड़कों की मरम्मत और पैचवर्क जल्द पूरा कराने की मांग की, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो।

20 अक्टूबर को निकलेगी विसर्जन शोभायात्रा

केंद्रीय समिति की ओर से मां भगवती की भव्य विसर्जन शोभायात्रा 20 अक्टूबर को सुबह 10 बजे राजकीय इंटर कॉलेज, अयोध्या के परिसर से निकाली जाएगी। शोभायात्रा में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, पत्रकारों और समिति के पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना है। इसमें बैंड-बाजे, बड़े हनुमान जी की प्रतिमा, विशाल ध्वज, महिला शक्तिवाहिनी और पुरुष शक्तिवाहिनी की टुकड़ियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। विभिन्न पूजा समितियों की मां दुर्गा की प्रतिमाएं भी शोभायात्रा में शामिल होंगी।

जिला प्रवक्ता केशव बिगुलर के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में नौ दिवसीय दुर्गा पूजा के लिए नवरात्र के पहले दिन से ही पूजा पंडालों में मां की प्रतिमाओं के आह्वान की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नगरीय क्षेत्र में मुख्य मेले का तीन दिवसीय आयोजन 16 अक्टूबर से शुरू होगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की धार्मिक समिति के परामर्श के अनुसार, इस दिन मूल नक्षत्र में मां का आह्वान कर पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद 19 अक्टूबर को श्रवण नक्षत्र में प्रतिमाओं के स्थल विसर्जन की प्रक्रिया शुरू होगी।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालेंगी शक्तिवाहिनी की टीमें

उत्सव के दौरान पूजा पंडालों में सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने के लिए शक्तिवाहिनी और महिला शक्तिवाहिनी की टीमों को प्रशिक्षित किया जाएगा। जिला प्रवक्ता के मुताबिक, नवरात्र से पहले प्रशिक्षण की तैयारियां पूरी की जाएंगी। शक्तिवाहिनी के जिला प्रमुख रविकांत आर्य, सह प्रमुख नागेंद्र पांडेय और पंकज सनाढ्य तथा महिला शक्तिवाहिनी की अशोका द्विवेदी, शकुंतला गौतम और रीना द्विवेदी के निर्देशन में कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने, पंडालों के आसपास यातायात नियंत्रित करने, सुरक्षा पर निगरानी रखने और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के तरीके बताए जाएंगे। समिति के जिलाध्यक्ष मनोज जायसवाल, प्रमुख संरक्षक विजय कुमार गुप्ता, संयोजक गगन जायसवाल और अन्य पदाधिकारी दुर्गा पूजा, दशहरा तथा विसर्जन शोभायात्रा को भव्य और व्यवस्थित बनाने की तैयारियों में जुटे हैं।