जल जीवन मिशन योजना से बनी पानी की टंकी से सोलर पैनल चोरी: बकेवर में हुई घटना, पुलिस जांच में जुटी
जल जीवन मिशन योजना से बनी पानी की टंकी से सोलर पैनल चोरी: बकेवर में हुई घटना, पुलिस जांच में जुटी
फतेहपुर, 24 जून । जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के एक अति संवेदनशील गांव में जल जीवन मिशन योजना के तहत निर्मित की गई पानी की टंकी पर लगे सोलर पैनलों पर चोरों ने सोमवार देर रात धावा बोल दिया। इस घटना में चोर 12 सोलर पैनलों को चुरा ले गए, जिससे लाखों रुपये के सरकारी राजस्व का नुकसान हुआ है।
घटना का पर्दाफाश मंगलवार की सुबह तब हुआ जब पानी की टंकी की सुरक्षा के लिए तैनात चौकीदार सर्वेश ने अपने नियमित निरीक्षण के दौरान सोलर पैनलों के गायब होने का पता लगाया। उन्होंने तत्काल इस गंभीर घटना की सूचना स्थानीय थाना पुलिस और अपने विभाग के उच्चाधिकारियों को दी।
सूचना मिलते ही हरकत में आई कार्यदायी संस्था, सन्डिगो सोलर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, के प्रोजेक्ट मैनेजर अचल कुमार ने बकेवर थाने में अज्ञात चोरों के विरुद्ध तहरीर देकर विधिवत मुकदमा दर्ज कराया। एफआईआर में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि चोरों ने योजना के तहत स्थापित किए गए 12 मूल्यवान सोलर पैनलों को निशाना बनाया है।
चौकीदार सर्वेश ने बताया कि जब उन्होंने सुबह ड्यूटी पर आकर देखा तो सभी 12 सोलर पैनल अपनी जगह से नदारद थे। उन्होंने यह भी शक जताया कि चोरों ने पूरी योजनाबद्ध तरीके से इस चोरी को अंजाम दिया है।
इस मामले पर बकेवर थानाध्यक्ष श्यामसुंदर लाल श्रीवास्तव ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि पानी की टंकी पर लगे सौर ऊर्जा पैनलों की चोरी के संबंध में कार्यदायी कंपनी की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत के आधार पर, भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने तुरंत अपनी जांच शुरू कर दी है और जल्द ही इस चोरी के पीछे शामिल अपराधियों को पकड़ने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी पूरी ताकत से इस मामले की पड़ताल कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही चोरों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।
जल जीवन मिशन की महत्ता और चोरी का प्रभाव:
यह घटना जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय योजना के कार्यान्वयन पर सीधा प्रहार है। इस मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है, जिसके लिए सोलर पैनलों का उपयोग ऊर्जा स्रोत के रूप में किया जा रहा है। इन पैनलों की चोरी से न केवल आर्थिक क्षति होती है, बल्कि योजना के सुचारू संचालन में भी बाधा उत्पन्न होती है। इस तरह की घटनाएं सरकारी योजनाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठाती हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर बल देती हैं।