पुस्तकें पढ़ने से व्यक्तित्व में आती है गंभीरता: प्रो. सत्यकाम

-डिजिटल युग में पुस्तक पढ़ने की प्रवृत्ति कम होना चिंताजनक -मुक्त विश्वविद्यालय में पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन

पुस्तकें पढ़ने से व्यक्तित्व में आती है गंभीरता: प्रो. सत्यकाम

प्रयागराज, 10 मार्च । उ.प्र. राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय के केन्द्रीय पुस्तकालय में एक दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का भव्य शुभारम्भ मंगलवार को कुलपति प्रो. सत्यकाम ने किया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में पुस्तकें पढ़ने की आदत जरूर डालनी चाहिए। इससे मानस पटल विकसित होता है तथा व्यक्तित्व में गंभीरता आती है।



उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में लोगों में पुस्तक पढ़ने की प्रवृत्ति कम हो रही है, जो चिंताजनक है। लोगों में पुस्तक पढ़ने की रुचि जगाने के लिए जगह-जगह पुस्तक मेले लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कई महान साहित्यकारों की पुस्तकों का वर्णन करते हुए कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में इन ग्रन्थों का अध्ययन कर युवा पीढ़ी ज्ञानार्जन कर सकती है।पुस्तक प्रदर्शनी में आये अतिथियों का स्वागत उप पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. आर.जे. मौर्य ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव कर्नल विनय कुमार, वित्त अधिकारी श्रीमती पूनम मिश्रा एवं विभिन्न विद्याशाखाओं के निदेशक, प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित रहे। इस एक दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी में मुक्त विवि के अधिकारियों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं का आवागमन लगा रहा। पुस्तक प्रदर्शनी में देश-विदेश के प्रतिष्ठित प्रकाशकों-आपूर्तिकर्ताओं ने अपनी स्टाल लगाई। विश्वविद्यालय के पुस्तक प्रेमियों, विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया, जिसमें सभी प्रकार की पुस्तकें प्रकाशकों आपूर्तिकर्ताओं द्वारा मेले में प्रदर्शित की गई। पुस्तक प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय पुस्तकालय के लिए निदेशकों, प्राध्यापकों, परामर्शदाताओं, विषय विशेषज्ञों द्वारा पुस्तकों का चयन किया गया। जिनका क्रय पुस्तकालय में किया जायेगा।

मुक्त विवि के मीडिया प्रभारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र ने बताया कि शिक्षकों एवं छात्रों के अकादमिक दृष्टिकोण से यह पुुस्तक मेला अत्यन्त ही लाभप्रद साबित हुआ, जिसमें विभिन्न प्रकाशकों की पुस्तकें एक स्थान पर उपलब्ध हो सकीं। इस एक दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का समापन सायं 05 बजे हुआ।