एजीआर मामले में वोडा आइडिया को 23,649 करोड़ की बड़ी राहत, बकाया चुकाने की अवधि में भी मिली छूट

एजीआर मामले में वोडा आइडिया को 23,649 करोड़ की बड़ी राहत, बकाया चुकाने की अवधि में भी मिली छूट

एजीआर मामले में वोडा आइडिया को 23,649 करोड़ की बड़ी राहत, बकाया चुकाने की अवधि में भी मिली छूट

नई दिल्ली, 01 मई । देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी वोडा आइडिया को केंद्र सरकार की ओर से बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार ने कंपनी को एडजेस्टेड ग्रॉस रिवेन्यू (एजीआर) बकाया के मामले में 23,000 करोड़ रुपये से अधिक की राहत दी है। इतना ही नहीं, सरकार ने बकाया को चुकाने की अवधि के मामले में भी कंपनी को बड़ी राहत दी है। कंपनी इस बकाया को 2032 से लेकर 2041 तक चुका सकती है। इसका मतलब कंपनी के लिए अगले कुछ वर्षों तक एकमुश्त बड़ी राशि इकट्ठा कर चुकाने की बाध्यता भी खत्म हो गई है।

वोडा आइडिया द्वारा एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई इस जानकारी के अनुसार टेलीकम्युनिकेशन डिपार्मेंट (डीओटी) ने दिसंबर 2025 तक के लिए कंपनी की एडजेस्टेड ग्रॉस रिवेन्यू बकाए की राशि 64,046 करोड़ रुपये निर्धारित कर दी है। इसके पहले के अनुमान में बकाए का आंकड़ा 87,695 करोड़ रुपये का था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर टेलीकम्युनिकेशन डिपार्मेंट द्वारा किए गए इस बदलाव से वोडा आइडिया को 23,649 करोड़ रुपये की राहत मिली है।

माना जा रहा है कि केंद्र सरकार से मिली इस राहत का असर कंपनी के शेयर की चाल पर भी सकारात्मक रूप से पड़ सकता है। आज महाराष्ट्र दिवस के मौके पर स्टॉक मार्केट में छुट्टी है, लेकिन सोमवार को बाजार खुलने पर कंपनी के शेयर की चाल में तेजी आ सकती है। इसके पहले पिछले कारोबारी दिन यानी गुरुवार को वोडा आइडिया के शेयर बीएसई पर 0.68 प्रतिशत लुढ़क कर 10.22 रुपये के स्तर पर बंद हुए थे।

एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के अनुसार वोडा आइडिया को एजीआर बकाये को चुकाने की अवधि में राहत दी गई है। अब वोडा आइडिया से इस बकाये को तुरंत चुकाने की बाध्यता हटा दी गई है। टेलीकम्युनिकेशन डिपार्टमेंट ने बकाये को चुकाने का जो प्लान दिया है, उसके अनुसार अब कंपनी को वित्त वर्ष 2031-32 से अगले चार साल तक हर साल बकाये की कम से कम 100 करोड़ रुपये की राशि चुकानी होगी।

इसके बाद शेष बचे बकाये को वित्त वर्ष 2035-36 से वित्त वर्ष 2040-41 तक चुकाने के लिए समान राशि की छह वार्षिक किश्तों में बांट दिया जाएगा। मतलब पहले पांच साल तक तो कंपनी को बकाये के रूप में एक भी पैसा जुटाने की बाध्यता नहीं रहेगी, वहीं अगले पांच साल तक कंपनी के सामने न्यूनतम 100 करोड़ रुपये जुटाने की ही बाध्यता होगी। दस साल की राहत बाद ही वोडा आइडिया को बकाया चुकाने के लिए बड़ी राशि का इंतजाम करना पड़ेगा।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर टेलीकम्युनिकेशन डिपार्टमेंट द्वारा एडजेस्टेड ग्रॉस रिवेन्यू (एजीआर) बकाये को चुकाने के लिए तैयार किए गए इस प्लान से पहले से ही वित्तीय परेशानियों का सामना कर रही वोडा आइडिया को बड़ी राहत मिली है। इस प्लान में बकाये की राशि तो लगभग 26 प्रतिशत कम हुई ही है, बकाया चुकाने के लिए कंपनी को लंबा समय भी मिल गया है। ऐसा होने से पहले ही भारी भरकम कर्ज के बोझ में डूबी वोडा आईडिया को आने वाले समय में कैश फ्लो को लेकर तुलनात्मक रूप से कम दबाव का सामना करना पड़ेगा।