आईआईटी कानपुर और पीएफआरडीए का Innovate4NPS हैकाथॉन 2026 की घोषणा
आईआईटी कानपुर और पीएफआरडीए का Innovate4NPS हैकाथॉन 2026 की घोषणा
कानपुर, 16 फरवरी । स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी), आईआईटी कानपुर ने पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन PFRDA Hackathon 2026–Innovate4NPS की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य भारत के नेशनल पेंशन सिस्टम को अधिक मजबूत, आधुनिक और नागरिक-केंद्रित बनाना है।
हैकाथॉन में देशभर से छात्र, शोधकर्ता, डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स भाग ले सकेंगे। प्रतिभागियों को चार प्रमुख विषयों पर तकनीक-आधारित नवाचारी समाधान विकसित करने होंगे। इनमें सीमलेस डिजिटल एनपीएस ऑनबोर्डिंग एवं केवाईसी, पेंशन एवं सेवानिवृत्ति पूर्वानुमान उपकरण, युवाओं के लिए गेमिफाइड पेंशन जागरूकता प्लेटफॉर्म तथा एआई-संचालित बहुभाषी एनपीएस सहायक शामिल हैं।
यह हैकाथॉन केवल प्रोटोटाइप तक सीमित न रहकर वास्तविक दुनिया में लागू किए जा सकने वाले समाधानों के विकास को प्रोत्साहित करेगा। प्रतिभागियों को फिनटेक, सार्वजनिक नीति, साइबर सुरक्षा और बड़े पैमाने की डिजिटल प्रणालियों से जुड़ी चुनौतियों पर काम करने का अवसर मिलेगा।
प्रतियोगिता में कुल 19 लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है। चयनित टीमों को छह माह तक अनुभवी विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे वे अपने समाधानों को परिष्कृत कर सकें। साथ ही, राष्ट्रीय सार्वजनिक प्रणालियों के लिए उपयोगी प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट विकसित करने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।
मीडिया प्रभारी सालोनी नागरकुट्टी ने सोमवार को बताया कि हैकाथॉन में भाग लेने के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 19 फरवरी निर्धारित की गई है। आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। आयोजकों ने युवाओं और स्टार्टअप्स से इस पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है, ताकि देश के पेंशन इकोसिस्टम को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सके।
यह हैकाथॉन विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स, डेवलपर्स और प्रौद्योगिकी नवोन्मेषकों के लिए खुला है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 19 फरवरी निर्धारित की गई है। आवेदन करने के लिए https://app.apixplatform.com/h1/pfrda2026 पर लॉगिन करें। Innovate4NPS एक राष्ट्रीय नवाचार पहल है, जिसका उद्देश्य नेशनल पेंशन सिस्टम के लिए तकनीकी समाधानों को तेजी से आगे बढ़ाना और भारत के लिए एक अधिक मजबूत, नागरिक-केंद्रित पेंशन इकोसिस्टम का निर्माण करना है।