अयोध्या की 97 गौशालाओं में 14,800 गोवंश संरक्षित, व्यवस्थाएं दुरुस्त

अयोध्या की 97 गौशालाओं में 14,800 गोवंश संरक्षित, व्यवस्थाएं दुरुस्त

अयोध्या की 97 गौशालाओं में 14,800 गोवंश संरक्षित, व्यवस्थाएं दुरुस्त

अयोध्या, 09 मार्च  । अयोध्या जिले में गोवंश संरक्षण को लेकर प्रशासन की सक्रियता और बेहतर प्रबंधन की मिसाल सामने आई है। जिले की कुल 97 गौशालाओं में वर्तमान में 14,800 गोवंश सुरक्षित रूप से संरक्षित हैं। इनमें से ग्रामीण क्षेत्रों में 87 गौशालाएं संचालित हो रही हैं, जबकि शहरी क्षेत्र में 10 गौशालाएं हैं। इन गौशालाओं में चारा, पानी, स्वच्छता और चिकित्सा जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त रखी गई हैं।



अयोध्या में गोवंश संरक्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके निर्देश पर प्रशासन लगातार प्रयासरत है ताकि घुमंतू पशुओं को उचित देखभाल मिल सके और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो। इसी कड़ी में जिले की गौशालाओं में नियमित देखभाल, पौष्टिक आहार और चिकित्सा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परिणामस्वरूप गोवंश स्वस्थ रह रहे हैं और उनकी संख्या में भी स्थिरता बनी हुई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. इन्द्र देव ने इस संबंध में कहा कि अयोध्या जिले में गोवंश संरक्षण के लिए प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सभी 97 गौशालाओं में चारा-पानी, स्वच्छता और चिकित्सा की उत्तम व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। गोवंशों की नियमित देखभाल से वे स्वस्थ और सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में हम निराश्रित गोवंशों को बेहतर आश्रय प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

स्वास्थ्य जांच और उपचार की भी सुविधा उपलब्ध

शहरी क्षेत्र की सबसे बड़ी गौशाला कान्हा गौशाला है, जिसमें 4000 गोवंशों की क्षमता है। यह गौशाला अकेले ही बड़ी संख्या में निराश्रित पशुओं को संरक्षित करने में सक्षम है। इसके अलावा अन्य गौशालाओं की क्षमता 400, 300 या 250 के आसपास है, जो विभिन्न आकारों में फैली हुई हैं। इन सभी में गोवंशों के लिए हरा चारा, सूखा चारा, पानी की पर्याप्त व्यवस्था के साथ-साथ नियमित स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध है।

सीसीटीवी कैमरों से भी की जा रही निगरानी

प्रशासन द्वारा गौशालाओं में आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है, जैसे कि सीसीटीवी निगरानी, जिससे 24 घंटे व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा सकती है। मॉनिटरिंग के लिए विकास भवन में सेल बना है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और गोवंशों की सुरक्षा में और मजबूती आई है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गौशालाओं का संचालन प्रभावी ढंग से हो रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर गो-सेवा की भावना मजबूत हुई है। यह प्रयास न केवल गोवंश संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, बल्कि पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सहारा दे रहा है। अयोध्या प्रशासन का यह मॉडल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है। गोवंशों की देखभाल में लगातार सुधार से यहां निराश्रित पशुओं को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल रहा है।