शैक्षिक सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन और राष्ट्रीय चुनौतियों पर सजगता समय की मांग : दिनेश यादव

शैक्षिक सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन और राष्ट्रीय चुनौतियों पर सजगता समय की मांग : दिनेश यादव

शैक्षिक सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन और राष्ट्रीय चुनौतियों पर सजगता समय की मांग : दिनेश यादव

कानपुर, 05 जून । शैक्षिक सुधारों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने, राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा महिला सुरक्षा और शहरी माओवाद जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। युवाओं की सकारात्मक भागीदारी, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद देशभर में विभिन्न अभियान चलाएगी। यह बातें शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कानपुर प्रांत के प्रांत मंत्री दिनेश यादव ने कहीं।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक 29 से 31 मई तक भुवनेश्वर में आयोजित हुई। बैठक में देशभर के विभिन्न प्रांतों से 400 से अधिक प्रतिनिधि कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान शिक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, युवाओं की भूमिका, सामाजिक-आर्थिक विषयों और समसामयिक चुनौतियों पर व्यापक चर्चा की गई तथा चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।

बैठक में ‘शैक्षिक सुधारों को परिणामकारी बनाने के लिए धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक’, ‘सशस्त्र माओवाद के समाप्तिकाल में शहरी माओवाद एक गंभीर चुनौती’, ‘संगठित आपराधिक एवं जिहादी मानसिकता से महिलाओं के शोषण तथा मतांतरण पर लगे लगाम’ तथा ‘वैश्विक अनिश्चितता के दौर में संयम एवं सजगता का सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प समय की मांग’ विषयक प्रस्ताव पारित किए गए। वहीं केंद्रीय कार्यसमिति में ‘लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना हेतु पश्चिम बंगाल के जनमानस का अभिनंदन’ प्रस्ताव भी पारित किया गया।

बैठक में संगठनात्मक कार्यों और विभिन्न अभियानों की समीक्षा के साथ आगामी वर्ष की कार्ययोजना तय की गई। अभाविप ने ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’, ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’, ‘एसईआईएल 60’, आपातकाल निषेध के 50 वर्ष, श्री गुरु तेगबहादुर बलिदान दिवस के 350 वर्ष तथा संत रविदास जी के 650वें प्राकट्योत्सव के अवसर पर देशव्यापी अभियान चलाने की घोषणा की।

नीट-यूजी, सीयूईटी, सीबीएसई सहित विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं में सामने आई विसंगतियों और पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए अभाविप ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, एनटीए की निष्पक्ष जांच तथा पारदर्शी और मजबूत परीक्षा प्रणाली विकसित करने की मांग की। संगठन ने कहा कि इन घटनाओं से विद्यार्थियों और अभिभावकों का विश्वास प्रभावित हुआ है, जिसे बहाल किया जाना आवश्यक है।

बैठक में त्रि-भाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन का समर्थन करते हुए भारतीय भाषाओं में परीक्षाएं अनिवार्य रूप से आयोजित करने की मांग भी की गई। साथ ही उद्योग जगत से विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध, नवाचार, पेटेंट तथा भारतीय भाषाओं में अकादमिक लेखन और अनुसंधान संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निवेश बढ़ाने का आह्वान किया गया। अभाविप का मानना है कि उद्योग, विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के समन्वय से देश में नवाचार आधारित शिक्षा और अनुसंधान को नई गति मिलेगी।