विकसित उत्तर प्रदेश ही मजबूत भारत की नींव : डॉ. रश्मि सिंह
विकसित उत्तर प्रदेश ही मजबूत भारत की नींव : डॉ. रश्मि सिंह
कानपुर, 25 जनवरी । उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में कम्पनी बाग़ स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश के 76वें स्थापना दिवस के मौके पर “विकसित उत्तर प्रदेश-विकसित भारत” विषय को केंद्र में रखते हुए तीन दिवसीय 24 से 26 जनवरी विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई संख्या तीन व सात के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह जानकारी रविवार को कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रश्मि सिंह ने दी।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रश्मि सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक व आर्थिक महत्ता से अवगत कराना है। साथ ही राज्य एवं राष्ट्र के विकास में युवाओं की भूमिका को सुदृढ़ करना था। उन्होंने बताया कि भाषण के साथ-साथ स्वच्छता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। एनएसएस स्वयंसेवकों ने विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर स्वच्छ भारत- स्वस्थ भारत का संदेश दिया। इस मौके पर डॉ. संघमित्रा महापात्रा (एनएसएस इकाई संख्या तीन) व डॉ. उमानाथ शुक्ला (एनएसएस इकाई संख्या सात) की उपस्थिति रही।
डॉ. उमानाथ शुक्ला ने बताया कि 24 जनवरी 1950 को उत्तर प्रदेश की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ-साथ कृषि, शिक्षा, संस्कृति और मानव संसाधन के क्षेत्र व देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
डॉ. संघमित्रा महापात्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की सांस्कृतिक पहचान का केंद्र है। काशी, अयोध्या, मथुरा और प्रयागराज जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल राज्य को विशेष महत्व प्रदान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में उत्तर प्रदेश की भूमिका निर्णायक है।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रश्मि सिंह ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश ही विकसित भारत की मजबूत नींव है। उन्होंने एनएसएस स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे स्वच्छता, सामाजिक सेवा, शिक्षा एवं जागरूकता अभियानों के माध्यम से समाज और राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। एनएसएस स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह व अनुशासन के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। तीन दिवसीय कार्यक्रम में भाषण, कविता, रंगोली एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन सभी इकाइयों द्वारा कराए जाने के का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। कार्यक्रम के अंत में यह संकल्प लिया गया कि विश्वविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवक भविष्य में भी समाज सेवा एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय योगदान देते रहेंगे।