मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ठाकुरगंज नाला हादसे का गहरा संज्ञान लिया: जेई निलंबित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ठाकुरगंज नाला हादसे का गहरा संज्ञान लिया: जेई निलंबित
लखनऊ, 13 जुलाई। राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज क्षेत्र में शनिवार को हुई एक अत्यंत दुखद घटना में, एक युवक की खुले नाले में गिरने से हुई असामयिक मृत्यु ने प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इस हृदय विदारक हादसे का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यक्तिगत रूप से और अत्यंत गंभीरता से संज्ञान लिया है। रविवार को, मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त की हैं और उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री ने इस मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से एक जूनियर इंजीनियर (जेई) को निलंबित करने का आदेश दिया है, जो इस क्षेत्र में नाले के रखरखाव और सुरक्षा के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार था। इसके अतिरिक्त, एक सहायक अभियंता (एई) को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसमें उनसे इस गंभीर लापरवाही के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए, मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से नौ लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि जनता की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देशित किया है कि वे इस पूरे मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करें। उन्हें संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों की भूमिका की गहराई से जांच करने और यह पता लगाने का भी निर्देश दिया गया है कि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना क्यों और किन परिस्थितियों में हुई। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने संबंधित निर्माण एजेंसी, जिस पर नाले के असुरक्षित होने या उसके रखरखाव में लापरवाही का आरोप है, के विरुद्ध तत्काल एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज करने का भी आदेश दिया है, ताकि आपराधिक लापरवाही के लिए उन्हें दंडित किया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
मुख्यमंत्री ने इस घटना को केवल एक दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे 'प्रशासनिक प्रणाली की गंभीर चूक' करार दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस गंभीर त्रुटि को तत्काल सुधारा जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार ऐसी घटनाओं को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण पुनरावृत्तियां न हों, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने लखनऊ प्रशासन को भी निर्देशित किया है कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता त्वरित रूप से उपलब्ध कराई जाए और इस प्रकार की लापरवाहियों पर प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है और इसमें किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही को कतई नजरअंदाज नहीं किया जाएगा, बल्कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।