नई दिल्ली की एआई समिट में गूंजा सीएसजेएमयू का एआई विजन
नई दिल्ली की एआई समिट में गूंजा सीएसजेएमयू का एआई विजन
कानपुर, 19 फरवरी। उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव के बीच छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में गुरुवार को अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। विश्वविद्यालय की भागीदारी से यह स्पष्ट हुआ कि संस्थान एआई को केवल तकनीकी विषयों तक सीमित न रखकर सभी संकायों में समाहित करने की दिशा में गंभीर और प्रतिबद्ध है।
सम्मेलन के दौरान विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों और उद्योग संगठनों के साथ बहु-संस्थागत समझौता ज्ञापन की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। विशेष रूप से हाल ही में निवेश प्राप्त करने वाले एआई अवसंरचना मंच ‘नैसा’ और कौशल विकास व नवाचार को प्रोत्साहित करने वाले ‘वाधवानी समूह’ के साथ हुई बातचीत को अहम माना जा रहा है। चर्चा का केंद्र बिंदु पाठ्यक्रमों को वास्तविक दुनिया की संगणना, डेटा शासन और अनुप्रयुक्त अनुसंधान से जोड़ना रहा।
सम्मेलन में विश्वविद्यालय की दो उभरती स्टार्टअप पहल—एसएनएस इनोवेशन लैब्स प्राइवेट लिमिटेड (संस्थापक: सत्यान श्रीवास्तव) और अमांडी लैब्स (संस्थापक: अमन सिंह)—ने राष्ट्रीय स्तर पर सराहना बटोरी। इन पहलों ने छात्र-शिक्षक आधारित उद्यमिता मॉडल के साथ तकनीकी नवाचार को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
सीएसजेएमयू की रणनीति जिम्मेदार और समावेशी एआई अपनाने पर केंद्रित है। मानविकी, सामाजिक विज्ञान, वाणिज्य और प्रबंधन जैसे विषयों में भी एआई साक्षरता बढ़ाकर छात्रों को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।
शिक्षाविदों के अनुसार, एआई का असंतुलित उपयोग सामाजिक असमानताओं को बढ़ा सकता है। ऐसे में साझा अवसंरचना और विभिन्न क्षेत्रों की साझेदारी के जरिए सीएसजेएमयू राज्य स्तर पर जिम्मेदार एआई अपनाने की दिशा में अग्रसर है।