पशु आश्रय में गोवंश की मौत पर बजरंग दल का उग्र प्रदर्शन, एसडीएम ने दिए तत्काल जांच के आदेश

पशु आश्रय में गोवंश की मौत पर बजरंग दल का उग्र प्रदर्शन, एसडीएम ने दिए तत्काल जांच के आदेश

पशु आश्रय में गोवंश की मौत पर बजरंग दल का उग्र प्रदर्शन, एसडीएम ने दिए तत्काल जांच के आदेश

सीतापुर, 16 जुलाई । उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में पशु आश्रय स्थलों की बदहाली का एक और भयावह मामला सामने आया है। एलिया ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम तिहार में स्थित एक गौशाला में मृत और मरणासन्न अवस्था में पड़े गोवंशों का एक हृदय विदारक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। इस घटना से आक्रोशित बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने गौशाला प्रबंधन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए महोली के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं।

वायरल वीडियो ने खोली बदहाली की पोल जानकारी के अनुसार, मंगलवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए एक वीडियो ने एलिया ब्लॉक के तिहार गांव में बनी सरकारी गौशाला की भयावह स्थिति को उजागर कर दिया। इस वीडियो में स्पष्ट रूप से कम से कम दो मृत गोवंश दिखाई दे रहे थे, जबकि कई अन्य गोवंश अत्यंत दयनीय और मरणासन्न स्थिति में पड़े थे। उनकी हड्डियां पसली से बाहर निकली हुई थीं और वे भूख-प्यास से तड़पते हुए प्रतीत हो रहे थे। गौशाला के अंदर फैली गंदगी और अव्यवस्था ने भी वीडियो में दिख रही दुर्दशा को और बढ़ा दिया।

बजरंग दल का उग्र प्रदर्शन और मांगें गोवंशों की ऐसी दुर्दशा का वीडियो देखकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता तत्काल सक्रिय हो गए। मंगलवार देर शाम को ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तिहार स्थित पशु आश्रय स्थल के मुख्य द्वार पर जमा हो गए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह धरना बुधवार सुबह भी जारी रहा, जिसमें कार्यकर्ताओं ने गौशाला की देखरेख और वहां की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए।

बजरंग दल के जिला संयोजक अनुज भदौरिया ने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तुरंत महोली के उप जिलाधिकारी देवेंद्र मिश्रा से संपर्क कर मामले की शिकायत की और लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। भदौरिया ने आरोप लगाया कि एसडीएम महोली से मिली प्रारंभिक प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं थी, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने यह धरना प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना था कि गौशाला में गोवंशों की इस तरह से मौत होना प्रबंधन की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता को दर्शाता है, और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

एसडीएम ने दिए जांच के आदेश, आश्वासनों का अंबार इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए महोली के उप जिलाधिकारी देवेंद्र मिश्रा ने बताया कि उन्हें गौशाला में दो गोवंशों की मौत की जानकारी मिली है, और उनके शवों को नियमानुसार दफना दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि गौशाला में देखरेख के लिए एक 'पशुमित्र' नियुक्त है।

एसडीएम मिश्रा ने आगे जानकारी दी कि बीमार गोवंशों की चिकित्सा के लिए पशु चिकित्सकों की एक टीम को तत्काल गौशाला भेजा गया है, ताकि अन्य बीमार पशुओं का इलाज किया जा सके और उनकी जान बचाई जा सके। बजरंग दल द्वारा गौशाला की देखरेख में लापरवाही के लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए, उप जिलाधिकारी ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर जो भी संबंधित व्यक्ति या विभाग दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, बजरंग दल का धरना प्रदर्शन जारी है और वे प्रशासन से ठोस कार्रवाई और गौशाला की व्यवस्थाओं में स्थायी सुधार की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी गौशालाओं की जमीनी हकीकत और उनके प्रबंधन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।