दिव्य महाभिषेक और 108 प्रकार के भोग से मना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, हजारों श्रद्धालुओं ने किए कान्हा के दर्शन
दिव्य महाभिषेक और 108 प्रकार के भोग से मना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, हजारों श्रद्धालुओं ने किए कान्हा के दर्शन
रामगढ़, 05 सितंबर । इस्कॉन मंदिर रामगढ़ में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत भव्यता, श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर पूरा मंदिर परिसर ‘हरे कृष्ण, हरे राम’ के जयघोष और भक्ति संगीत से गूंज उठा। भगवान श्रीकृष्ण का विधि-विधान से दिव्य महाभिषेक किया गया तथा 108 प्रकार के भोग अर्पित किए गए।
जन्मोत्सव में 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। दूर-दूर से पहुंचे भक्तों के साथ आम श्रद्धालुओं ने भी भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। भारी भीड़ के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान के दिव्य एवं मनोहारी दर्शन किए।
कार्यक्रम में वृंदावन से आए बीजीआईएस गुरुकुल के छात्रों ने मनोहारी कीर्तन प्रस्तुत किया। उनके भक्ति संगीत से पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया। वहीं प्रहलाद स्कूल रामगढ़ के विद्यार्थियों ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का पाठ किया। विद्यार्थियों ने नृत्य एवं कला की आकर्षक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं की खूब वाहवाही बटोरी।
जन्मोत्सव को लेकर इस्कॉन मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मंदिर परिसर में सुंदर रंगोली और मनमोहक पुष्प सज्जा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। भगवान श्रीकृष्ण को नौका विहार भी कराया गया, जिसे देखने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
आयोजन में शामिल हजारों श्रद्धालुओं के लिए विशेष महाप्रसाद की व्यवस्था की गई थी। करीब 10 हजार भक्तों ने महाप्रसाद ग्रहण किया। पूरी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए इस्कॉन रामगढ़ के भक्तवृंद एवं स्वयंसेवक लगातार जुटे रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री मधुसूदन मुकुंद प्रभु जी का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। वहीं प्रमुख व्यवस्थापक के रूप में श्रीमती सहस्त्राक्षी माताजी, वैद्यनाथ प्रभु एवं आशुतोष प्रभु का योगदान सराहनीय रहा। इस्कॉन रामगढ़ के भक्तवृंद ने भी आयोजन को सफल बनाने में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई।
इस्कॉन रामगढ़ ने विशेष रूप से कलश वेंकटेश होटल एवं बैंक्विट के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि आयोजन की सफलता में संस्थान का महत्वपूर्ण योगदान रहा। भव्य आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और सेवा का ऐसा संगम देखने को मिला कि पूरा रामगढ़ कृष्ण भक्ति में सराबोर नजर आया।