सरकार रसोइयों के हितों सुविधा एवं सुरक्षा में निरंतर वृद्धि के लिए है प्रतिबद्ध: उमेश द्विवेदी

प्रतापगढ़ में 6002 रसोइयों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा

सरकार रसोइयों के हितों सुविधा एवं सुरक्षा में निरंतर वृद्धि के लिए है प्रतिबद्ध: उमेश द्विवेदी

प्रतापगढ़, 23 अगस्त। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर श्री हरि पैलेस में सभागार में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी ने रविवार को रसोइयों के मानदेय में वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। सरकार रसोइयों के हितों को लेकर संवेदनशील है और उनकी सुविधा एवं सुरक्षा में निरंतर वृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने रसोइयों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके सम्मान को समाज की जिम्मेदारी बताया।

सदर विधायक राजेन्द्र प्रसाद मौर्य ने रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा से आच्छादित किए जाने पर बधाई दी। आयोजित कार्यक्रम में विधायक ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयां शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने रसोइयों से अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और मनोयोग से करने का आह्वान किया।

समारोह में रामराजी, सुमन, मालती देवी, सावित्री देवी, चांदनी बानो, मीना देवी, अमरावती, लैपलतून बानो, शिव कुमारी एवं मालती देवी को कैशलेस चिकित्सा कार्ड एवं अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं उत्कृष्ट सेवा एवं योगदान के लिए विमला देवी, फूल कली, मनोरमा, अमरावती देवी, रानी देवी, चम्पा, विद्या देवी, रीना, मंजू देवी एवं सोनी कोरी को चेक एवं साड़ी प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी तरह रसोइयों के सम्मान और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से उन्हें जोड़ने के उद्देश्य से जनपद की सभी तहसीलों में भी रसोइया सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहीं रसोइयों को सम्मानित किया गया।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत जनपद में कार्यरत 6002 रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। इस पहल को रसोइयों के सामाजिक सम्मान के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। रसोइयों को पांच लाख तक के कैशलेस उपचार, दो लाख की सामाजिक सुरक्षा, किचेन वस्त्र के लिए 500 के स्थान पर अब 1000 रुपये तथा मानदेय 2000 से बढ़ाकर 3000 रुपये किए जाने का लाभ मिलेगा।