भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसान सांसद राजीव राय से मिले, बतायी अपनी पीड़ा
भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसान सांसद राजीव राय से मिले, बतायी अपनी पीड़ा
मऊ, 17 जुलाई। उत्तर प्रदेश के जनपद मऊ में उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की प्रस्तावित आवासीय योजना के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को घोसी के सांसद राजीव राय ने प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों की सहमति के बिना उनकी जमीन का अधिग्रहण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सांसद राजीव राय ने आरोप लगाया कि सरकार आवास विकास के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन कम कीमत पर अधिग्रहित कर व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं और अब किसानों की खेती की जमीन भी छीनी जा रही है।
बैठक के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि उन पर कम कीमत पर जमीन की रजिस्ट्री कराने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि बाद में मुआवजा बढ़ाने का आश्वासन दिया जा रहा है, जबकि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण व्यावसायिक उद्देश्य से किया जा रहा है। किसानों ने इस प्रक्रिया का लगातार विरोध जारी रखने का संकल्प दोहराया। राजीव राय ने अंत में कहा कि किसान अकेले नहीं हैं। समाजवादी पार्टी तन, मन और धन से उनके साथ खड़ी है और किसानों के अधिकारों की लड़ाई हर स्तर पर लड़ेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक मंच पर आवाज उठाई जाएगी।