भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर हुई संगमनगरी, राजशाही ठाट-बाट के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा
भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर हुई संगमनगरी, राजशाही ठाट-बाट के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा
प्रयागराज, 16 जुलाई । विश्व प्रसिद्ध संगमनगरी में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास के बीच निकाली गई। रत्नजड़ित मुकुट, नील चक्र और राजसी श्रृंगार से सुसज्जित भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा ने विशाल रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ रथ खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक एवं भव्य रथयात्रा गुरुवार को हाटकेश्वर मंदिर से श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। करीब 20 फीट ऊंचे, 14 फीट चौड़े एवं 16 पहियों वाले 'नंदी घोष' रथ पर भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भ्राता भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले।
जगन्नाथ पुरी धाम से मंगाए गए त्रिलोक मोहिनी ध्वज एवं नील चक्र से सुसज्जित रथ के शिखर पर प्रेम और भक्ति के प्रतीक दो तोते तथा सत्य, धर्म, न्याय और कर्म के प्रतीक चार श्वेत अश्व आकर्षण का केंद्र रहे। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा राजस्थान से तैयार विशेष रत्नजड़ित पोशाक तथा स्वर्ण-रजत एवं मयूर पंखों से सजे मुकुट धारण किए हुए भक्तों को दिव्य दर्शन दे रहे थे।
रथयात्रा शुरू होने से पूर्व भगवान जगन्नाथ की भव्य आरती उतारी गई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी, महापौर गणेश केसरवानी, सांसद उज्ज्वल रमण सिंह, विधायक हर्षवर्धन बाजपेई, उदय प्रताप सिंह, ट्रस्ट के पदाधिकारी, पार्षद एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। करीब 100 फीट लंबी 'नाग वासुकी' रस्सी से हजारों श्रद्धालुओं ने रथ को खींचा। महिलाओं, युवाओं और बच्चों में रथ खींचने का विशेष उत्साह देखने को मिला। "जय जगन्नाथ" के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
रथयात्रा हाटकेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर एस.सी. बसु रोड, चमेली बाई धर्मशाला, हीवेट रोड, जॉनसेनगंज, घंटाघर, बताशा मंडी, बहादुरगंज, सुलाकी चौराहा, राम भवन, मुट्ठीगंज, सत्तीचौरा, बलुआ घाट और कटघर होते हुए प्रयागेश्वरनाथ मंदिर, जगन्नाथ धाम (काशीराज नगर, कटघर) पहुंचकर विश्राम करेगी।
यात्रा में ढोल-ताशा दल, पाइप बैंड, डमरू एवं नगाड़ा वादक, आकर्षक झांकियां और धार्मिक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। भगवान जगन्नाथ का राजदरबार, भगवान गणेश, वरुण देव, माता गुंडिचा, रानी लक्ष्मीबाई सहित विभिन्न सांस्कृतिक एवं धार्मिक झांकियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। अयोध्या और वृंदावन से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया।
यात्रा मार्ग पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेयजल, शरबत, कोल्ड ड्रिंक तथा प्रसाद की व्यवस्था की गई, जिससे सेवा और श्रद्धा का सुंदर संगम देखने को मिला। रथयात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। एसीपी कोतवाली रवि कुमार गुप्ता, कोतवाली प्रभारी कपिल कुमार चहल सहित पुलिस बल ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था संभाली। वहीं सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने भी प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्था संचालन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।