ट्रिपल आईटी इलाहाबाद का 21वां दीक्षांत समारोह, 728 विद्यार्थियों को मिलीं उपाधियां; दिव्यांश ओमर को चेयरमैन स्वर्ण पदक

मुख्य अतिथि प्रो. अरविंद ए. नाटू ने विद्यार्थियों से विज्ञान को मानवता और तकनीकी उत्कृष्टता को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने की अपील की। 2026 बीटेक बैच का प्लेसमेंट 96.25% रहा, औसत CTC करीब ₹32.50 लाख रहा।

ट्रिपल आईटी इलाहाबाद का 21वां दीक्षांत समारोह, 728 विद्यार्थियों को मिलीं उपाधियां; दिव्यांश ओमर को चेयरमैन स्वर्ण पदक

प्रयागराज, 12 सितंबर । ज्ञान को चरित्र, विज्ञान को मानवता और तकनीकी उत्कृष्टता को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना जरूरी है। तकनीकी प्रगति मानवीय संवेदनाओं, पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक कल्याण, निजता और मानसिक स्वास्थ्य की कीमत पर नहीं होनी चाहिए।

यह विचार शनिवार को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी) इलाहाबाद के 21वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रो. अरविंद ए. नाटू ने व्यक्त किये। उन्होंने विद्यार्थियों से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का उपयोग समाज और राष्ट्र के व्यापक हित में करने का आह्वान किया। झलवा परिसर के मुख्य सभागार में शनिवार को आयोजित इस दीक्षांत समारोह में कुल 728 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 22 पदक भी प्रदान किए गए। समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए दिव्यांश ओमर को वर्ष 2026 का चेयरमैन स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।

मुख्य अतिथि प्रो. अरविंद ए. नाटू ने कहा कि विद्यार्थियों को मिल रही उपाधियां अपने साथ बड़ी जिम्मेदारी लेकर आती हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी का ध्वज आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर है। उन्होंने कहा कि तकनीक और सामाजिक आवश्यकताओं का स्वरूप लगातार बदल रहा है, लेकिन उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण, कठोर परिश्रम और रचनात्मकता हमेशा महत्वपूर्ण रहेंगे।

उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा, सौर ऊर्जा की दक्षता, हाइड्रोजन ईंधन, नई बैटरी सामग्री, स्वच्छ पेयजल, सस्ती दवाओं और टीकों, जैव-अभियांत्रिकी सामग्री तथा स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच जैसी चुनौतियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डीप लर्निंग, मशीन लर्निंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी तकनीकों का उचित उपयोग इन समस्याओं के समाधान में मददगार हो सकता है। क्वांटम कंप्यूटिंग भी जलवायु विज्ञान जैसे क्षेत्रों में तकनीकी विकास को गति दे सकती है।

प्रो. नाटू ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लाभ और संभावित दुष्प्रभावों पर भी विद्यार्थियों को सचेत किया। उन्होंने कहा कि एआई दक्षता, गति और जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकती है, लेकिन इसके अनियंत्रित उपयोग से रोजगार, रचनात्मकता, निजता और मानवीय संवाद से जुड़ी चिंताएं भी पैदा हो सकती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीकी प्रगति के साथ मानवीय संवेदनाओं को बनाए रखने का आह्वान किया।

शिक्षा का उद्देश्य केवल नया ज्ञान पैदा करना नहीं: प्रो.भीम

समारोह के विशिष्ट अतिथि प्रो. भीम सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नया ज्ञान पैदा करना नहीं, बल्कि उसे ऐसे उपयोगी समाधानों में बदलना भी है, जो आम लोगों के जीवन को बेहतर बना सकें। उन्होंने कहा कि इंजीनियर समाधान देने वाला होता है और प्रबंधक उस समाधान से अंतिम उपयोगकर्ता को मिलने वाले लाभ को समझता है। विद्यार्थियों को ज्ञान और कौशल का उपयोग आमजन की समस्याओं के समाधान में करना चाहिए।

अधिक वेतन व पदनाम सफलता एकमात्र पैमाना नहीं

ट्रिपल आईटी इलाहाबाद के पूर्व छात्र और डिस्सेक्ट एआई के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अपूर्व कुमार ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अधिक वेतन या आकर्षक पदनाम को सफलता का एकमात्र पैमाना न बनाएं। उन्होंने निरंतर सीखने, जिम्मेदारी, ईमानदारी और पेशेवर उत्कृष्टता को करियर का आधार बनाने की सलाह दी।

संस्थान के निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावाने ने कहा कि संस्थान अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, उद्योग जगत से जुड़ाव और समाज सेवा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि नए पाठ्यक्रम में 160 क्रेडिट वाले बीटेक कार्यक्रम में अनिवार्य बहुविषयक माइनर शुरू किया गया है। विद्यार्थियों को उद्यमिता एवं नवाचार, अर्थशास्त्र एवं वित्त, भारतीय ज्ञान परंपरा, प्रदर्शन एवं ललित कला तथा विज्ञान एवं प्रसन्नता जैसे क्षेत्रों में माइनर चुनने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने बताया कि संस्थान ने सभी 11 मौजूदा एमटेक कार्यक्रमों के नाम और पाठ्यक्रम में बदलाव किया है, ताकि उन्हें उभरती तकनीक और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बनाया जा सके।

96.25 प्रतिशत रहा बीटेक विद्यार्थियों का प्लेसमेंट

वर्ष 2026 के बीटेक बैच में 480 विद्यार्थियों ने प्लेसमेंट के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें 462 विद्यार्थियों का प्लेसमेंट हुआ। इस तरह प्लेसमेंट दर 96.25 प्रतिशत रही। प्लेसमेंट पाने वाले विद्यार्थियों का औसत वार्षिक सीटीसी करीब 32.50 लाख रुपये और माध्यिका सीटीसी 26 लाख रुपये रही। विद्यार्थियों को 46 प्री-प्लेसमेंट ऑफर, 119 पूर्णकालिक रोजगार प्रस्ताव और 200 प्रदर्शन आधारित पूर्णकालिक अवसर मिले।

दीक्षांत समारोह में 466 स्नातक, 210 स्नातकोत्तर, एमटेक-पीएचडी की दोहरी उपाधि पाने वाले 13, एक एमबीए-पीएचडी विद्यार्थी, कार्यरत पेशेवरों के लिए पीएचडी पाने वाले सात और 31 शोधार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। स्नातक स्तर पर 281 विद्यार्थियों को बीटेक सूचना प्रौद्योगिकी, 140 को बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी और 45 विद्यार्थियों को बीटेक बिजनेस इंफॉर्मेटिक्स की उपाधि मिली। इसके अलावा एमटेक, एमबीए समेत अन्य कार्यक्रमों की 210 स्नातकोत्तर उपाधियां भी प्रदान की गईं।