सीएटीसी -69 में सैन्य कौशल के साथ आधुनिक तकनीक का संगम:कर्नल रितु श्रीवास्तव रावत

-एनसीसी कैडेट्स ने सीखी ड्रोन तकनीक और आपदा प्रबंधन की बारीकियां

सीएटीसी -69 में सैन्य कौशल के साथ आधुनिक तकनीक का संगम:कर्नल रितु श्रीवास्तव रावत

प्रयागराज, 16 जुलाई । सीएटीसी -69 का उद्देश्य कैडेट्स को सैन्य प्रशिक्षण के साथ नेतृत्व क्षमता, आधुनिक तकनीक और आपदा प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है।

यह बातें गुरुवार को 15 यूपी बटालियन एनसीसी के कंबाइंड एनुअल ट्रेनिंग कैंप (सीएटीसी-69) के तीसरे दिन प्रयागराज में कैडेट्स को संबोधित करते हुए कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रितु श्रीवास्तव रावत ने कही। उन्होंने कहा कि टीएससी(टीएससी) चयन, ड्रोन प्रशिक्षण और सिविल डिफेंस अभ्यास में कैडेट्स का उत्साह सराहनीय रहा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

15 यूपी बटालियन एनसीसी के कंबाइंड एनुअल ट्रेनिंग कैंप के तीसरे दिन प्रयागराज में 660 एनसीसी कैडेट्स को सैन्य प्रशिक्षण के साथ आधुनिक तकनीक और आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। थल सैनिक कैंप (टीएससी) चयन, ड्रोन प्रशिक्षण और सिविल डिफेंस की मॉक ड्रिल ने कैडेट्स के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को नई दिशा दी।

15 यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा आयोजित कंबाइंड एनुअल ट्रेनिंग कैंप तीसरे दिन गुरुवार को प्रशिक्षण गतिविधियां पूरे उत्साह के साथ संपन्न हुईं। कैंप में शामिल 660 एनसीसी कैडेट्स को सैन्य कौशल, आधुनिक तकनीक और आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

दिन की प्रमुख गतिविधियों में थल सैनिक कैंप के लिए जूनियर डिवीजन एवं जूनियर विंग के कैडेट्स का चयन शामिल रहा। प्रयागराज टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए आयोजित चयन प्रक्रिया में कैडेट्स ने अनुशासन, आत्मविश्वास और उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय दिया।

कैडेट्स को ड्रोन संचालन का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उन्हें निगरानी, आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा में ड्रोन तकनीक के महत्व से अवगत कराया गया। आधुनिक तकनीक पर आधारित इस प्रशिक्षण में कैडेट्स ने विशेष रुचि दिखाई और उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कैंप में नियमित सैन्य प्रशिक्षण के तहत ड्रिल, मैप रीडिंग और हथियार संचालन का अभ्यास भी कराया गया, जिससे कैडेट्स की सैन्य दक्षता और नेतृत्व क्षमता को और मजबूती मिली।

सिविल डिफेंस अधिकारियों की टीम ने इमरजेंसी सायरन बजने की स्थिति में सुरक्षित निकासी (इवैक्यूएशन) की प्रक्रिया पर व्याख्यान एवं प्रदर्शन (LCD) आयोजित किया। इसके साथ ही मॉक इवैक्यूएशन ड्रिल के माध्यम से कैडेट्स को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने का व्यावहारिक अनुभव भी कराया गया।

रक्षा मंत्रालय, प्रयागराज के जनसंपर्क अधिकारी एवं प्रवक्ता कुमार अमन विश्वकर्मा ने बताया कि सीएटीसी-69 जैसे प्रशिक्षण शिविर युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, तकनीकी दक्षता और राष्ट्रसेवा की भावना को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम हैं। ड्रोन तकनीक, सैन्य प्रशिक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों का समावेश कैडेट्स को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहा है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आत्मनिर्भर, जिम्मेदार और सक्षम युवाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।