श्रीराम कथा : विश्वामित्र के आगमन से भावविभोर हुए दशरथ
-शिव धाम ऋषि आश्रम में अयोध्या कांड का मार्मिक प्रसंग
औरैया, 17 फ़रवरी । उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद के अजीतमल क्षेत्र के जैनपुर स्थित शिव धाम ऋषि आश्रम में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिवस में अयोध्या कांड का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास आचार्य पंडित राज नारायण शास्त्री ने संत विश्वामित्र के अयोध्या आगमन और महाराज दशरथ से भेंट का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कथा के अनुसार जब महर्षि विश्वामित्र भगवान श्रीराम के दर्शनों की अभिलाषा लेकर अयोध्या पहुंचे तो महाराज दशरथ ने स्वयं उनका स्वागत किया। संत ने राम और लक्ष्मण के दर्शन कर उन्हें आशीर्वाद दिया। इस प्रसंग का वर्णन करते हुए व्यास जी ने बताया कि यह क्षण केवल गुरु-शिष्य मिलन नहीं, बल्कि धर्म स्थापना की भूमिका का था।
शास्त्री ने आगे कथा में बताया कि संत विश्वामित्र ने राजा दशरथ से दोनों राजकुमारों को शिक्षा एवं दीक्षा के लिए अपने साथ गुरुकुल भेजने का आग्रह किया। प्रारंभ में दशरथ मोहवश चिंतित हुए, किंतु गुरु वशिष्ठ के समझाने पर उन्होंने धर्म को सर्वोपरि मानते हुए सहमति दे दी। इसके बाद राम और लक्ष्मण संत के साथ दुर्गम वन यात्रा पर निकल पड़े, जहां उन्होंने अनेक बाधाओं का सामना करते हुए दिव्य अस्त्र-शस्त्र और शास्त्रों की शिक्षा प्राप्त की। कथा श्रवण के दौरान पंडाल में बैठे श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। अंत में प्रसाद वितरण किया गया। आयोजक बाबा प्रेम गिरि ने बताया कि कथा आगामी दस दिनों तक जारी रहेगी और क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आह्वान किया।