ससुर के उत्पीड़न से पीड़ित विधवा को राहत
अलग से मिलेगा बिजली कनेक्शन, बिजली विभाग को निर्देश
प्रयागराज, 10 जून। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रयागराज की एक विधवा को तत्काल बिजली कनेक्शन दिलाने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय तथा न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है।
प्रयागराज के अहियापुर स्थित मकान नंबर 96-ए में रहने वाली याची महिला अपने पति की मृत्यु के बाद से ससुराल के उत्पीड़न का शिकार थी। महिला ने घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के तहत मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायत की थी, जिस पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट प्रयागराज ने 22 सितम्बर 2025 को आदेश दिया था कि ससुर महिला को उसके हिस्से से बेदखल नहीं कर सकते।
इस आदेश को विफल करने के लिए ससुर ने 12 मई 2026 को महिला के हिस्से की बिजली काट दी। बिजली विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद महिला को नया कनेक्शन नहीं मिला, जिसके बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट ने बिजली काटने को घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पारित संरक्षण आदेश का उल्लंघन मानते हुए आदेश दिया और कहा महिला 10 जून 2026 को सुबह 11 बजे तक 3,000 रूपये मीटर शुल्क जमा करे। अधिशासी अभियंता, नगरीय विद्युत वितरण खंड महिला को ऑनलाइन आवेदन में पूरी सहायता प्रदान करे।10 जून 2026 को शाम 4 बजे तक महिला के हिस्से में बिजली बहाल की जाए। कोर्ट ने कहा कि पुराने बकाये का बोझ महिला पर नहीं डाला जाएगा। वह देनदारी ससुर के खाते में है। कोर्ट के आदेश की प्रति उसी दिन रात 10 बजे तक यूपी पावर कॉर्पाेरेशन के चेयरमैन और संबंधित अधिकारियों को ई-मेल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजी जाए। मामले की अगली सुनवाई 11 जून को होगी।