बुलंदशहर के सीएमओ को यौन शोषण पीड़ित नाबालिग के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश
बुलंदशहर के सीएमओ को यौन शोषण पीड़ित नाबालिग के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश
प्रयागराज, 10 जून। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बुलंदशहर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे यौन शोषण की शिकार एक नाबालिग लड़की की चिकित्सीय जांच के लिए तत्काल मेडिकल बोर्ड का गठन करें।
न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ यह आदेश दिया। याचिका में बताया गया कि पीड़िता यौन शोषण के कारण गर्भवती हो गई है और वह गर्भ का चिकित्सीय समापन चाहती है। आरोपित के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज है। इसके बावजूद सीएमओ और जिलाधिकारी उसके आवेदन पर ध्यान नहीं दे रहे थे। कोर्ट ने कहा 10 जून तक मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाए। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में 11 जून को दोपहर 2 बजे न्यायालय में पेश की जाए। रजिस्ट्रार (अनुपालन) उसी दिन आदेश की प्रति ईमेल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से रात 10 बजे तक संबंधित अधिकारियों को भेजें। पीड़िता की पहचान किसी भी सरकारी दस्तावेज में उजागर न हो।
अदालत ने स्पष्ट कहा कि जब कोई यौन शोषण पीड़िता गर्भ समापन के लिए आवेदन करे, तो अधिकारियों को बिना देरी के त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 11 जून को दोपहर 2 बजे होगी।