बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के दोषी की सजा बरकरार

बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के दोषी की सजा बरकरार

बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के दोषी की सजा बरकरार

प्रयागराज, 23 जून । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने रामपुर के 12 वर्षीय बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौन उत्पीड़न के दोषी अफसर की सजा को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति संतोष राय ने यह फैसला मंगलवार काे सुनाया।

वर्ष 2015 में रामपुर जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र में दर्ज इस मामले में अभियुक्त अफसर पर आरोप था कि उसने 25 मार्च 2015 को बाजार से 12 वर्षीय बच्चे को बहला-फुसलाकर बैटरी चालित रिक्शे में बिठाया और शाहाबाद गेट के पास एक खेत में ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती अप्राकृतिक यौनाचार किया।

रामपुर की विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने 15 मई 2023 को अफसर को धारा 323, 377 भारतीय दंड संहिता तथा पाक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत दोषी पाया था और सात वर्ष के कठोर कारावास के साथ 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। जिसको जेल अपील दाखिल कर चुनौती दी गई थी। जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।

कोर्ट ने कहा कि पीड़ित के बयान और ट्रायल के दौरान लिए गए साक्ष्य, दोनों में कोई विरोधाभास नहीं पाया गया। पाक्सो अधिनियम की धारा 29 व 30 के अंतर्गत अभियोजन पक्ष ने आधारभूत तथ्य साबित किए हैं। ट्रायल कोर्ट के फैसले में कोई स्पष्ट त्रुटि या विकृति नहीं है।

कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि अभियुक्त अब तक लगभग सात वर्ष जेल में बिता चुका है और उसे धारा 428 सी आर पी सी के तहत इस अवधि का लाभ मिलेगा।