फिरोजाबाद जनपद में लूट के आरोपी को साढ़े चार वर्ष से अधिक का कठोर कारावास
फिरोजाबाद जनपद में लूट के आरोपी को साढ़े चार वर्ष से अधिक का कठोर कारावास
फिरोजाबाद, 19 जून । फिरोजाबाद जनपद में एक लूट के मामले में स्थानीय न्यायालय ने सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी को दोषी सिद्ध पाया है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-2, विशेष न्यायधीश डीएए श्री सर्वेश कुमार पांडेय की अदालत ने गुरुवार को लूट के दोषी ठहराए गए सोनू यादव को चार वर्ष तीन माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर आर्थिक दंड भी लगाया है, जिसका भुगतान न करने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला थाना जसराना क्षेत्र से संबंधित है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी अनुराग ने 14 दिसंबर 2020 को थाने में घटना की प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराई थी। शिकायत में अनुराग ने बताया था कि वह उस दिन देर शाम अपने मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में सहायता लेकर कोचिंग पढ़ने जा रहा था। तभी रास्ते में एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो अज्ञात युवकों ने उसे रोक लिया और उसका मोबाइल फोन जबरन छीनकर मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने इस लूटकांड में संलिप्त सोनू यादव पुत्र कप्तान सिंह निवासी ग्राम जेबडा को चिन्हित किया और उसे गिरफ्तार करने के उपरांत विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूरी कर जेल भेज दिया। पुलिस द्वारा मामले की गहनता से विवेचना की गई और आरोपी सोनू यादव के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य एकत्र कर विधि अनुसार न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया।
यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-2, विशेष न्यायधीश डीएए श्री सर्वेश कुमार पांडेय की अदालत में विचारण हेतु प्रस्तुत हुआ। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री ललित कुमार द्वारा की गई, जिन्होंने आरोपी पर लगे आरोपों को सिद्ध करने के लिए तर्क और साक्ष्य प्रस्तुत किए।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान, आरोपी सोनू यादव ने स्वयं न्यायालय के समक्ष अपने ऊपर लगे लूट के आरोप को स्वीकार (इकबाल) कर लिया। न्यायालय ने आरोपी सोनू यादव के जुर्म के इकबाल और मुकदमे के दौरान प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के आधार पर उसे लूट के अपराध में दोषी माना और सिद्ध ठहराया।
दोषी पाए जाने के उपरांत, न्यायालय ने सोनू यादव को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत चार वर्ष तीन माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने दोषी पर दो हजार रुपये का अर्थदंड भी अधिरोपित किया। न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी सोनू यादव निर्धारित दो हजार रुपये के अर्थदंड का भुगतान करने में विफल रहता है, तो उसे इस अर्थदंड के एवज में दस दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इस निर्णय के साथ, न्यायालय ने लूट जैसे अपराधों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए एक स्पष्ट संदेश दिया है।