बहराइच में नगर मजिस्ट्रेट ने दो कोचिंग संस्थानों में जांचे सुरक्षा के उपाय
बहराइच में नगर मजिस्ट्रेट ने दो कोचिंग संस्थानों में जांचे सुरक्षा के उपाय, दोनों जगह मानक पूरे नहीं
बहराइच, 23 जून । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोचिंग सेण्टर में साेमवार काे हुए अग्निकांड के बाद बहराइच जिले में मंगलवार को नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद, क्षेत्राधिकारी नगर नारायण दत्त मिश्रा व चीफ फायर ऑफिसर विशाल रामानुज गौड़ ने शहर में घूम-घूमकर अम्बार की तरह फैले कोचिंग सेन्टरों पर छापा मारा और अग्नि सुरक्षा यन्त्रों व सुरक्षा मानकों की हकीकत परखी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी विशाल रामानुज गौड़ ने बताया कि प्रशासनिक दल ने आज दो कोचिंग सेन्टर और एक लाइब्रेरी का निरीक्षण किया है। इनमें से एक कोचिंग सेण्टर में सिलेण्डर चार्ज नहीं था। दूसरी कोचिंग बेसमेन्ट में संचालित हो रही थी, जिसका दूसरा निकास मार्ग नहीं था। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजने के बाद ऐसे सभी संस्थानों पर कार्यवाही की जाएगी।
जिले में फायर सेफ्टी को लेकर प्रशासनिक दावे भले ही बड़े हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। शहर से लेकर हाईवे किनारे संचालित कई होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, निजी अस्पताल व कोचिंग सेंटर आग से बचाव के बुनियादी इंतजामों के बिना ही संचालित हो रहे हैं। फायर एक्सटिंग्विशर या तो नदारद हैं या फिर केवल दिखावे के लिए टँगे या रखे हैं।
नियमानुसार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों,निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, अलार्म सिस्टम और नियमित सुरक्षा ऑडिट जैसे इंतजाम अनिवार्य हैं, लेकिन अधिकांश जगहों पर इन नियमों का पालन नहीं दिखता। जिले में फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल उठ चुके हैं। आग लग जाने की के बाद रिपोर्टों में सामने आता है कि बड़ी संख्या में होटल और रेस्टोरेंट बिना वैध फायर एनओसी के संचालित हो रहे हैं, जिससे किसी भी हादसे की स्थिति में भारी जन एवं सम्पत्ति हानि का खतरा बना रहता है।