गौ-रक्षा के मुद्दे पर सरकारों को जनता के सामने रिपोर्ट कार्ड देना होगा : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

गौ-रक्षा के मुद्दे पर सरकारों को जनता के सामने रिपोर्ट कार्ड देना होगा : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

गौ-रक्षा के मुद्दे पर सरकारों को जनता के सामने रिपोर्ट कार्ड देना होगा : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

कानपुर, 31 मई । अपनी यात्रा के तहत कानपुर पहुंचे ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ-रक्षा को देश का प्रमुख मुद्दा बताते हुए कहा कि अब सरकारों को जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड रखना होगा। उन्होंने कहा कि गौ-संरक्षण के नाम पर वर्षों से वादे किए जाते रहे हैं, लेकिन अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। यदि कोई सरकार स्वयं को गौ-भक्त और हिंदू हितों की संरक्षक बताती है तो उसे इस दिशा में किए गए कार्यों का स्पष्ट हिसाब भी देना चाहिए।

कानपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गौ-रक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है और यहां की जनता भी इसे गंभीरता से देखती है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सत्ता में रहने के बावजूद यदि गौ-रक्षा को लेकर संत समाज और आम लोगों की अपेक्षाएं पूरी नहीं हुई तो इस पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने दावा किया कि इस विषय को लेकर संत समाज के एक वर्ग में नाराजगी है।

शंकराचार्य ने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य गौ-रक्षा और गौ-सम्मान के मुद्दे को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाना है। उन्होंने कहा कि जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस परिणाम देखना चाहती है। इसी कारण विभिन्न स्थानों पर संवाद और जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि यात्रा 81 दिनों से जारी है और आगामी 24 जुलाई को लखनऊ में एक बड़े कार्यक्रम के दौरान आगे की रणनीति की घोषणा की जाएगी। उनके अनुसार उस कार्यक्रम में संतों और समर्थकों की उपस्थिति में भविष्य की कार्ययोजना पर निर्णय लिया जाएगा।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग गाय को केवल पशु नहीं बल्कि ‘गौमाता’ के रूप में सम्मान देने तथा उसके संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा।