साइबर हेल्प डेस्क की सक्रियता से ऑनलाइन ठगी के शिकार व्यक्ति को वापस मिले 23,920 रुपये

साइबर फ्रॉड होने पर 24 घंटे के भीतर 1930 पर शिकायत करें, धनराशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है

साइबर हेल्प डेस्क की सक्रियता से ऑनलाइन ठगी के शिकार व्यक्ति को वापस मिले 23,920 रुपये

प्रयागराज, 20 जून । कमिश्नरेट प्रयागराज की साइबर हेल्प डेस्क और थाना करैली पुलिस की त्वरित कार्रवाई से शनिवार को ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार एक व्यक्ति को उसके खाते से निकाली गई 23,920 रुपये की पूरी धनराशि वापस दिलाई गई। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित और उसके परिजनों ने पुलिस की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

उत्तर के प्रयागराज जिले में स्थित सोरांव थाना क्षेत्र के अहिबीपुर गांव निवासी ब्रजलाल यादव पुत्र नन्हकू राम निवासी जनपद प्रयागराज के बैंक खाते से साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी कर 23,920 रुपये ट्रांसफर कर लिए थे। घटना के बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरटी ) पर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत प्राप्त होने के बाद साइबर हेल्प डेस्क थाना करैली ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। तकनीकी प्रयासों और त्वरित समन्वय के माध्यम से पीड़ित के खाते से निकाली गई पूरी धनराशि 23,920 रुपये वापस उसके खाते में जमा करा दी गई।

पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध सागर जैन ने कहा कि साइबर अपराध की स्थिति में पीड़ित जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराता है, धनराशि को सुरक्षित कराने और वापस दिलाने की संभावना उतनी अधिक रहती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी लिंक, ओटीपी शेयरिंग, यूपीआई धोखाधड़ी या बैंकिंग साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

उन्होंने बताया कि यदि 24 घंटे से अधिक समय बीत गया हो तो पीड़ित राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

धनराशि वापस कराने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रिंस चौधरी, कांस्टेबल आशीष राठौर तथा रिजर्व कांस्टेबल सच्चिदानन्द पाण्डेय शामिल रहे। पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से लोगों में साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और त्वरित शिकायत दर्ज कराने का संदेश भी गया है।