वरिष्ठ शिक्षाविद संजय श्रीवास्तव सर्वपल्ली डॉ.राधाकृष्णन राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित

वरिष्ठ शिक्षाविद संजय श्रीवास्तव सर्वपल्ली डॉ.राधाकृष्णन राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित

वरिष्ठ शिक्षाविद संजय श्रीवास्तव सर्वपल्ली डॉ.राधाकृष्णन राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित

प्रयागराज, 20 जून । वरिष्ठ शिक्षाविद संजय श्रीवास्तव को 18-20 जून तक सिटी मोंटेसरी स्कूल, लखनऊ में आयोजित 17वें ‘शिक्षाविद नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय गोल मेज सम्मेलन’ में आमंत्रित किया गया। जिसका मुख्य विषय ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में आंतरिक जीवन का विकास’ पर अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल एजुकेशन समिट 2026 के तहत शिक्षा जगत की विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों और संगठनों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

यह जानकारी वरिष्ठ शिक्षाविद संजय श्रीवास्तव ने शनिवार को देते हुए बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का ऑनलाइन उद्घाटन वीडियो संदेश के माध्यम से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। कार्यक्रम में भारत के विभिन्न प्रांतों से आये डेलिगेट, राजनेता, नौकरशाह, हस्तियां, उद्योगपति के अतिरिक्त नेपाल, जापान, भूटान, जर्मनी, बांग्लादेश, पाकिस्तान, आयरलैंड एवं थाइलैंड आदि विभिन्न देशों से आए शिक्षाविदों सहित देश की प्रसिद्ध हस्तियों की उपस्थिति रही।

इस अवसर पर संजय श्रीवास्तव को सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन राष्ट्रीय अवार्ड से, एक सौ चालीस देशों की यात्रा कर चुकी जापान की ट्रैवलर यासुको हिगाशिजोन ने ग्लोबल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (गेटी) की अध्यक्ष डॉ. सुनीता गांधी एवं सी.एम.एस की संस्थापक सदस्य डॉ. भारती गांधी की उपस्थिति में प्रदान किया।

उल्लेखनीय है कि, संजय श्रीवास्तव विगत 26 वर्षों से टैगोर पब्लिक स्कूल में रसायन शास्त्र प्रवक्ता पद पर कार्य करने के अतिरिक्त एम.जी.एम.के. पी. एस.भीटी में प्रधानाचार्य थे। शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान एवं विद्यार्थियों में विज्ञान के लोकप्रियकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद, भारत सरकार के अधीन राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के अतिरिक्त विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों के द्वारा अनेकों बार उन्हें अवार्ड एवं सम्मान प्रदान किया जा चुका है। जिसमें एशिया पेसेफिक अवॉर्ड, राष्ट्रीय अमूल्य निधि अवार्ड, राष्ट्रीय शिक्षा रत्न अवार्ड, बेस्ट साइंस टीचर अवॉर्ड, विज्ञान शिक्षा रत्न अवार्ड, इलाहाबाद रत्न सम्मान, आउट-स्टैंडिंग टीचर अवॉर्ड एवं प्रयाग गौरव सम्मान आदि अलंकरण से विभूषित किया जा चुका है।संजय श्रीवास्तव ने अपने 26 वर्षों के कार्यकाल में लगभग 1500 बाल वैज्ञानिकों को उनके लघु शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिये गाइड किया था। इनके निर्देशन में अनेक बाल वैज्ञानिकों ने जिला, प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत कर न केवल प्रयागराज जनपद का नाम रौशन किया, अपितु राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज़ कराई। उन्होंने प्रदेश, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न सेमिनार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए समाज में व्याप्त अंधविश्वासों को दूर करने के लिए तथा जल, मिट्टी एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित अनेक शोध पत्र प्रस्तुत किया। व्याख्यान दिया। संजय श्रीवास्तव की इस उपलब्धि पर राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के पूर्व कार्यकारी सचिव डॉ. नीरज कुमार, डॉ. आर.के.टण्डन, डॉ. मोहम्मद मसूद, प्रो. संतोष श्रीवास्तव, प्रो. आभा त्रिपाठी आदि ने हार्दिक बधाई दी है।