दिल्ली दंगा: हाई कोर्ट जज अमित शर्मा ने ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया
दिल्ली दंगा: हाई कोर्ट जज अमित शर्मा ने ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया
नई दिल्ली, 01 जून। दिल्ली उच्च न्यायालय के जज अमित शर्मा ने 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की साजिश रचने के आरोपित ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। जमानत याचिका पर अब वह बेंच सुनवाई करेगी, जिसके सदस्य जस्टिस अमित शर्मा नहीं होंगे। अगली सुनवाई 10 जून को होगी।
ताहिर हुसैन की जमानत याचिका जस्टिस सौरभ बनर्जी की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच के समक्ष लिस्टेड थी, लेकिन बेंच के दूसरे सदस्य जस्टिस अमित शर्मा ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया। इससे पहले 29 जनवरी को कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कड़कड़डूमा कोर्ट के आदेश को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। ताहिर हुसैन के खिलाफ 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश रचने का आरोप है। वो आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में भी आरोपित है।
आईबी अधिकारी अंकित शर्मा के पिता रविंद्र कुमार 26 फरवरी, 2020 को दयालपुर थाने आए और कहा कि उनका बेटा 25 फरवरी को अपने दफ्तर से लौटकर शाम को कुछ सामान खरीदने गया था। रात तक इंतजार करने के बाद उन्होंने गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। उसके बाद उन्हें कुछ लड़कों ने बताया कि एक लड़के को मारकर खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया है। उसी नाले से अंकित शर्मा का शव निकाला गया।
इसके अलावा ताहिर हुसैन के खिलाफ दिल्ली दंगों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी दर्ज है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सह आरोपित अमित गुप्ता सरकारी गवाह बन चुका है।