दिल्ली हाई कोर्ट ने हिमायनी पुरी से जुड़े एपस्टीन फाइल कंटेंट को हटाने का दिया आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने हिमायनी पुरी से जुड़े एपस्टीन फाइल कंटेंट को हटाने का दिया आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने हिमायनी पुरी से जुड़े एपस्टीन फाइल कंटेंट को हटाने का दिया आदेश

नई दिल्ली, 17 मार्च । दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी के जेफ्री एपस्टीन से जोड़ने वाले भारत में छपे कंटेंट को हटाने का आदेश दिया है। जस्टिस मनी पुष्करणा की बेंच ने कंटेंट हटाने के लिए दायर मानहानि याचिका पर नोटिस जारी किया है।

सुनवाई के दौरान हिमायनी पुरी की ओर से वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने दलीलें रखीं। उन्होंने कहा कि ये कंटेंट याचिकाकर्ता की छवि को खराब कर रहे हैं, जबकि इन कंटेंट में थोड़ी भी सच्चाई नहीं है। उन्होंने इन कंटेंट को पूरी दुनिया में रोकने की मांग की। मेटा की ओर से पेश वकील अरविंद दातार ने कोर्ट से कहा कि वो पूरी दुनिया में इन कंटेंट पर रोकने का आदेश पारित नहीं करे। पूरी दुनिया में रोक पर एक याचिका उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच में लंबित है। भारत पूरी दुनिया में कंटेंट नहीं रोक सकता। इंग्लैंड भी नहीं रोक सकता है। तब जेठमलानी ने कहा कि कानून ये है कि अगर भारत के कंप्यूटर से कोई कंटेंट अपलोड किया जाता है, तो इसे पूरी दुनिया में रोका जा सकता है। तब दातार ने कहा कि अगर अपलोड करने वाला इसे हटाता है तो ये पूरी दुनिया में हट जाएगा। दातार ने कहा कि दूसरे उच्च न्यायालय भी यही आदेश दे रहे हैं कि इसे भारत में ही रोका जाए। सुनवाई के दौरान गूगल की ओर से पेश वकील ने भी इसमें हामी भरी। दातार ने कहा कि हिमायनी पुरी अमेरिकी नागरिक हैं। वे अमेरिका में भी याचिका दायर कर पूरी दुनिया में रोक लगाने के लिए याचिका दायर कर सकती हैं। उसके बाद कोर्ट ने हिमायनी पुरी का संबंध जेफ्री एपस्टीन से जोड़ने वाले कंटेंट को भारत से हटाने का आदेश दिया।

हिमायनी पुरी ने खुद की छवि को बदनाम करने की एवज में दस करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। हिमायनी ने कहा है कि 22 फरवरी से पूरी दुनिया के विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफार्म और विभिन्न अनजाने सोशल मीडिया पर उसका नाम कुख्यात एपस्टीन से जोड़ा जा रहा है। याचिका में कहा गया है कि एक्स, गूगल, मेटा और लिंक्डइन इत्यादि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उसे बदनाम करने वाले कंटेंट डाले गए हैं।

इन ऑनलाइन कंटेंट में कहा जा रहा है कि हिमायनी पुरी रियल पार्टनर्स एलएलसी में काम करती थी। उस समय एपस्टीन और उसके सहयोगी रियल पार्टनर्स एलएलसी को फंडिंग करते थे। इन कंटेंट में ये भी आरोप लगाया गया है कि रॉबर्ट मीलार्ड नामक व्यक्ति ने पुरी के साथ मिलकर लेहमैन ब्रदर्स के पतन की साजिश रची थी। हिमायनी पुरी ने कहा है कि ऑनलाइन कंटेंट में जो भी आरोप लगाए गए हैं वे सभी झूठ और तथ्यहीन हैं।

याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता के खिलाफ ये आरोप इसलिए लगाए जा रहे हैं, क्योंकि वो केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी हैं, जो पहले इंडियन फॉरेन सर्विस में काम कर चुके हैं और अभी केंद्रीय कैबिनेट में एक वरिष्ठ पद पर हैं। हरदीप पुरी का नाम एपस्टीन फाइल्स में कथित रुप से आने के बाद उनके खिलाफ संसद में भी कई बार हंगामा हो चुका है।