लविवि के प्रोफेसर रविकांत से मिले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय: दलित शिक्षक की आवाज दबाने की कोशिश पर कांग्रेस का कड़ा विरोध

लविवि के प्रोफेसर रविकांत से मिले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय: दलित शिक्षक की आवाज दबाने की कोशिश पर कांग्रेस का कड़ा विरोध

लविवि के प्रोफेसर रविकांत से मिले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय: दलित शिक्षक की आवाज दबाने की कोशिश पर कांग्रेस का कड़ा विरोध

लखनऊ, 24 जून । कांग्रेस पार्टी ने लखनऊ विश्वविद्यालय के अम्बेडकरवादी दलित प्रोफेसर रविकांत के विरुद्ध भाजपा सरकार द्वारा की जा रही कथित कार्रवाई पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मंगलवार को प्रोफेसर रविकांत से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

अजय राय ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि प्रोफेसर रविकांत समाज में व्याप्त नफरत, हिंसा और अन्य ज्वलंत सामाजिक मुद्दों पर अपनी स्पष्टवादिता और लेखन के माध्यम से लगातार आवाज उठाते रहे हैं। इसी मुखरता से नाराज भाजपा सरकार अब उन पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की तैयारी कर रही है। राय ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीति और जातिगत विद्वेष से प्रेरित होकर एक दलित शिक्षक की आवाज को दबाने का एक सोची-समझी साज़िश है।

प्रोफेसर रविकांत के आवास पर उनसे मिलकर अजय राय ने मामले की पूरी जानकारी ली और उन्हें कांग्रेस पार्टी के पूर्ण समर्थन का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर न केवल कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी, बल्कि सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन भी किया जाएगा और सरकार का घेराव भी किया जाएगा।

यह मामला तब प्रकाश में आया जब लखनऊ विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर रविकांत ने कुछ समय पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ एक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी से नाराज एक छात्र ने हसनगंज थाने में प्रोफेसर रविकांत के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर तहरीर दी थी। इसके बाद, विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संगठन एनएसयूआई ने प्रोफेसर रविकांत के समर्थन में प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया था। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की यह मुलाकात इसी विवादास्पद स्थिति में professeur रविकांत के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करती है और सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।