ब्रिक्स की शानदार सफलता पर चिदंबरम देश से माफी मांगें : शांता कुमार

- विश्व शांति और संवाद की दिशा में भारत कर रहा ऐतिहासिक प्रयास, प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की भूमिका महत्वपूर्ण

ब्रिक्स की शानदार सफलता पर चिदंबरम देश से माफी मांगें : शांता कुमार

शिमला, 14 सितंबर । पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने ब्रिक्स बैठक की सफलता को भारत की बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताते हुए कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स बैठक की शानदार सफलता के बाद चिदंबरम को अपने बयान पर पुनर्विचार करते हुए पूरे देश से क्षमा मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विचारधाराओं और परस्पर विरोधी हितों वाले विश्व के बड़े देशों के नेताओं को भारत में एक मंच पर लाकर संवाद कराना अपने आप में असाधारण उपलब्धि है।

शांता कुमार ने सोमवार को एक बयान में कहा कि भारत आज विश्व शांति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व में शांति कायम करने और देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र की स्थापना हुई थी, लेकिन वर्तमान समय में दुनिया के सामने मौजूद अनेक संघर्षों और तनावों के बीच उसकी भूमिका और प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे दौर में भारत द्वारा विभिन्न देशों को संवाद की मेज पर लाना एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स बैठक भारत में होने की खबर सामने आते ही कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा था कि इससे भारत को कोई लाभ नहीं होगा। उन्होंने सवाल किया था कि ऐसी बैठकों से आज तक भारत को एक भी लाभ हुआ है तो बताया जाए। शांता कुमार ने कहा कि इसके अगले ही दिन कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इससे अलग राय व्यक्त करते हुए कहा कि जब विश्व के विरोधी विचारों वाले बड़े देशों के नेता भारत में एक साथ बैठेंगे और विचार-विमर्श करेंगे तो इसका भारत को लाभ होगा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ब्रिक्स बैठक बेहद सफल रही। विश्व के अलग-अलग और कई मामलों में परस्पर विरोधी विचार रखने वाले बड़े देशों के नेता भारत आए, एक साथ बैठे, महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया और साझा बयान पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि यह भारत की कूटनीतिक क्षमता और बढ़ती वैश्विक भूमिका का प्रमाण है।

शांता कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के लोकप्रिय नेताओं में शामिल हैं और विश्व शांति की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विभिन्न देशों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने के भारत के प्रयास ऐतिहासिक महत्व रखते हैं। उन्होंने कहा कि विश्व शांति के लिए भारत का यह प्रयास देश के लिए बड़े सौभाग्य की बात है।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि ऐसी अंतरराष्ट्रीय बैठकों का महत्व केवल तत्काल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं होता, बल्कि इनके माध्यम से देशों के बीच संवाद, विश्वास और सहयोग का वातावरण तैयार होता है। इसलिए पी. चिदंबरम को अपने पहले दिए बयान पर पुनर्विचार कर देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।