अयोध्या : द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी के मंच पर महाप्राण निराला की अमर कृति राम की शक्ति पूजा का जीवंत मंचन

अयोध्या : द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी के मंच पर महाप्राण निराला की अमर कृति राम की शक्ति पूजा का जीवंत मंचन

अयोध्या : द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी के मंच पर महाप्राण निराला की अमर कृति राम की शक्ति पूजा का जीवंत मंचन

अयोध्या, 02 जनवरी । श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा आयोजित द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी (पाटोत्सव) समारोह के मंच पर पांचवे दिन समापन अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में शालीना चतुर्वेदी समूह ने कथक नृत्य शैली में राम की शक्ति पूजा की मनमोहक प्रस्तुति दी | इस दौरान चितवन की भंगिमाएं हस्त मुद्रा और पद संचलन का विन्यास देखते ही बना| अंत में देवी दुर्गा को प्रसन्न हो आशीष देना पड़ा हे राम विजय हो तेरी|

शालीना चतुर्वेदी समूह ने सर्वप्रथम हनुमान चालीसा पर नृत्य कर बजरंगबली को समर्पित किया| महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी की कालजयी रचना "राम की शक्ति पूजा" में राम रावण युद्ध के मध्य रावण गंभीर युद्ध करता है जिससे रामादल में अफरा तफरी मच जाती है| रावण के साथ शक्ति को युद्ध करते देख राम चिंतित होते है पर धैर्य नहीं छोड़ते| जामवंत जी ने शक्ति आराधना का सुझाव दिया, प्रभु श्रीराम रावण पर विजय के लिए शक्ति की आराधना करते है। इसी दौरान परीक्षा के लिए देवी के एक कमल पुष्प हटा लिया| राम ध्यानावस्था से वापस आते है, कमल पुष्प के न मिलने पर धैर्य नहीं छोड़ते, उन्हें याद आता है माँ बचपन में कमल नयन कहती थी, अभी दो पुष्प शेष है और नेत्र निकालने को शस्त्र उठाते है, तभी देवी प्रसन्न हो प्रभु को विजय का आशीर्वाद देकर उनके शरीर में लीन हो जाती है और शक्ति से सशक्त प्रभु श्रीराम रावण का अंत करते हैं और जानकी माता को अपने साथ अयोध्या ले आते है।

प्रभु श्रीराम की धैर्य, स्थिर चित्त और धर्म की रक्षा के लिए शक्ति का आह्वान हमे सनातन मूल्यों से जोड़ता है। कार्यक्रम में शालीना चतुर्वेदी के साथ वैष्णवी, ऋषिका, प्रशांत कुमार, इरा गिरि, ख्रिसटीना कश्यप दास, मेघा कुमारी, संतोषी साहिस, श्रेष्ठा शंकर, राजर्षि नीलरुचि व तनुष्का पाण्डेय के नृत्य को मोहक बना दिया| संचालन देश दीपक मिश्रा ने किया| अंत में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की तरफ से गोपाल राव ने समस्त कलाकारों को सम्मानित किया|

कार्यक्रम मंच पर ट्रस्ट महासचिव चम्पतराय, राजेंद्र सिंह पंकज, धनंजय पाठक, डॉ चंद्र गोपाल पाण्डेय, डॉ अनिल मिश्र, गोपाल, नरेन्द्र, कप्तान केके तिवारी, विनोद श्रीवास्तव, भोलेन्द्र, वीरेंद्र आदि मौजूद रहे|