अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी को भारत रत्न दिया जाए : रमेश अवस्थी

अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी को भारत रत्न दिया जाए : रमेश अवस्थी

अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी को भारत रत्न दिया जाए : रमेश अवस्थी

कानपुर, 30 मई । अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी राष्ट्रभक्ति, निर्भीक पत्रकारिता और सामाजिक समरसता के अद्वितीय प्रतीक हैं। स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और सर्वोच्च बलिदान को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार को इस संबंध में केंद्र सरकार को औपचारिक अनुशंसा भेजनी चाहिए। यह मांग कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को लिखे पत्र में उठाई।

सांसद रमेश अवस्थी ने अपने पत्र में शनिवार को कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी ने कलम और कर्म दोनों के माध्यम से राष्ट्र की निस्वार्थ सेवा की। कानपुर से प्रकाशित उनके समाचार पत्र ‘प्रताप’ ने स्वतंत्रता आंदोलन की चेतना को देशभर में पहुंचाने का कार्य किया। उन्होंने भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद सहित अनेक क्रांतिकारियों को वैचारिक प्रेरणा प्रदान की।

पत्र में सांसद ने उल्लेख किया कि गणेश शंकर विद्यार्थी ने सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उनका जीवन आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

रमेश अवस्थी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल के माध्यम से प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्रालय को गणेश शंकर विद्यार्थी को भारत रत्न प्रदान किए जाने की अनुशंसा भेजी जाए।

सांसद ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से उत्तर प्रदेश विधानसभा परिसर में अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी की प्रतिमा स्थापित करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियां उनके राष्ट्रसेवा, पत्रकारिता और बलिदान से प्रेरणा प्राप्त कर सकेंगी।

सांसद ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी का जीवन राष्ट्रभक्ति, जनसेवा, सामाजिक समरसता और निर्भीक पत्रकारिता का अनुपम उदाहरण है तथा उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना पूरे राष्ट्र के लिए गौरव की बात होगी।