22 नवंबर से शुरू होगा VHP का हित चिंतक अभियान, गांव-गांव तक पहुंचेंगे कार्यकर्ता
-22 नवंबर से शुरू होगा अभियान, डिजिटल माध्यमों से भी बनाए जाएंगे सदस्य-दुर्गा अष्टमी पर काशी प्रांत के 22 जिलों में हुए 100 से अधिक कार्यक्रमों से मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी ने दिया नारी सशक्तीकरण का संदेश
प्रयागराज, 19 अक्टूबर। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) हित चिंतक अभियान के माध्यम से गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचकर हिंदू समाज को संगठन से जोड़ेगा। धर्म-संस्कृति की रक्षा, परंपराओं के प्रति जागरूकता और सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए समाज को संगठित करना संगठन का लक्ष्य है। इसके लिए 22 नवंबर से विशेष संपर्क अभियान शुरू किया जाएगा। इस बार पारंपरिक सदस्यता के साथ डिजिटल माध्यमों और मोबाइल एप के जरिए भी लोगों को संगठन से जोड़ा जाएगा।
यह बात सोमवार को विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री गोपाल जी ने काशी प्रांत कार्यालय केसर भवन में आयोजित संयुक्त कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा कि हित चिंतक अभियान के माध्यम से संगठन का विस्तार करने के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सामाजिक सेवा कार्यों में समाज की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। कार्यकर्ता सदस्यता कूपन लेकर गांव-गांव और घर-घर पहुंचेंगे। इसके अलावा डिजिटल मंच, मोबाइल एप, वेबसाइट और सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को जोड़ने का प्रयास होगा। अभियान में 15 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। संगठन की योजना प्रत्येक गांव में समितियों का गठन करने और सत्संग की गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने की है।
लखनऊ क्षेत्र के क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और सेवा के क्षेत्र में अनेक प्रकल्प चला रहा है। इनमें एकल विद्यालय, संस्कारशाला, सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र, होम नर्सिंग केंद्र, वेद विद्यालय और गोशालाएं शामिल हैं। बजरंग दल युवाओं के बीच नशामुक्ति और रक्तदान जैसे जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है। पर्यावरण संरक्षण, गोपालन और जैविक कृषि जैसे विषयों पर भी समाज के विभिन्न वर्गों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हित चिंतक अभियान के दौरान कार्यकर्ता इन सेवा कार्यों की जानकारी समाज तक पहुंचाएंगे। साथ ही धर्म-संस्कृति की रक्षा और सामाजिक जागरूकता के प्रयासों में लोगों की भागीदारी बढ़ाने का काम करेंगे।
दुर्गा अष्टमी पर 22 जिलों में हुए कार्यक्रम
नवरात्र के दौरान दुर्गा वाहिनी और मातृशक्ति की ओर से दुर्गा अष्टमी के अवसर पर नारी शक्ति जागरण, आत्मरक्षा, आत्मसम्मान और सनातन संस्कृति की रक्षा के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए गए। काशी प्रांत के 22 संगठनात्मक जिलों में प्रखंड स्तर पर एक सप्ताह तक चले इन कार्यक्रमों में माताओं और बहनों को जागरूक किया गया। प्रांत संगठन मंत्री राजेंद्र जी ने बताया कि प्रत्येक जिले में 100 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रमों में महिलाओं को दुर्गा स्वरूप के समान साहस, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही सेवा, सुरक्षा और संस्कार की भावना मजबूत करने, पारिवारिक एवं सामाजिक मूल्यों की रक्षा करने तथा नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया। मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी की पदाधिकारियों ने महिलाओं को संगठित होकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया।
कार्यशाला में प्रांत अध्यक्ष कविन्द्र प्रताप सिंह, प्रांत मंत्री डॉ. राज नारायण, प्रांत उपाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, प्रांत सहमंत्री प्रभुति कांत, दुर्गा वाहिनी की प्रांत सह-संयोजिका शुभांगी, विभाग संगठन मंत्री आलोक, विभाग मंत्री बृजभूषण महेश, महानगर मंत्री योगेश तिवारी, मनीष श्रीवास्तव, विभाग बजरंग दल संयोजक सुरेश शुक्ला, सह-संयोजक अमित सिंह और गौरव सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला में कानपुर और काशी प्रांत के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।