UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 5-6 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश के आसार; पूर्वी यूपी में भारी बारिश की संभावना

आईएमडी के मुताबिक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 5-6 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश के आसार; पूर्वी यूपी में भारी बारिश की संभावना

प्रयागराज, 05 सितंबर। उत्तर प्रदेश में कानपुर समेत कई जिलाें में आगामी कुछ दिनों के मध्य बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। ऐसा भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के लखनऊ केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान है।

मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक 5 और 6 सितंबर को पश्चिमी तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। पूर्वी उप्र में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के भी आसार जताए गए हैं।



भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 5 सितंबर के प्रभाव आधारित मौसम पूर्वानुमान में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर वज्रपात, गरज-चमक के साथ बारिश तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। 6 सितंबर को भी दोनों अंचलों में बारिश का दौर बने रहने का अनुमान है। वहीं, 7 सितंबर के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आने के संकेत हैं।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए), कानपुर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार, अगले पांच दिनों तक क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इससे उमस से राहत मिलने के आसार हैं।

बारिश से तापमान में गिरावट

कानपुर में पिछले दिनों हुई बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, चार सितंबर को कानपुर में अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि 24 घंटे में 10.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बादलों की आवाजाही और रुक-रुककर होने वाली बारिश से दिन के तापमान में बहुत अधिक बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। हालांकि बारिश के बीच आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

कृषकों के लिए सलाह: बारिश की संभावना को देखते हुए खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें तथा कीटनाशी एवं उर्वरक का छिड़काव मौसम साफ होने पर ही करें।