मेरठ सांप कांड में पत्नी और प्रेमी को फांसी की सजा, पति की हत्या को सर्पदंश दिखाने की रची थी साजिश

अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला; 18 महीने की सुनवाई, 86 तारीखों और 12 गवाहों के बाद दोनों दोषियों को मृत्युदंड।

मेरठ सांप कांड में पत्नी और प्रेमी को फांसी की सजा, पति की हत्या को सर्पदंश दिखाने की रची थी साजिश

मेरठ, 16 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले की स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को अमित कश्यप की हत्या में दोषी पत्नी और उसके प्रेमी को फांसी की सजा सुनाई है। पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या के बाद सर्पदंश से मौत दिखाने के लिए शव पर सांप छोड़ा था। कोर्ट के फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने खुशी जाहिर की है और कहा कि मुझे न्यायालय पर भरोसा था कि अमित को न्याय मिलेगा।

एडीजीसी अपराध नीरज सोम के मुताबिक, एडीजे-12 जयवीर सिंह नागर की अदालत ने अमित कश्यप की हत्या में आरोपित पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई गई है। चौधरी चरण सिंह जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दोनों वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए कोर्ट से जुड़े थे। न्यायालय का फैसला सुनते ही दोनों रोने लगे। फिलहाल जजमेंट की कापी मिलते ही दोनों को सजायाफ्ता कैदियों की बैरक में शिफ्ट किया जाएगा।

कोर्ट से फैसला सुनाये जाने के बाद एडीजीसी फरजाना मकसूद पत्रकारों से मिली। उन्होंने बताया कि मृतक अमित कश्यप की पत्नी और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई गई है। इस दौरान उन्होंने कहा कि फैसला सुनाने से पहले कोर्ट ने रामायण, महाभारत और मनुस्मृति का जिक्र करते हुए सत्यवान-सावित्री का उदाहरण दिया। कोर्ट ने सावित्री का जिक्र करते हुए कहा कि अपने पति के प्राण बचाने के लिए यमराज तक से लड़ गई थी। पत्नी, पति की अर्धांगिनी होती है। पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर जो यह कृत्य किया, वह माफी लायक नहीं है। इसके बाद जज ने अपना फैसला सुनाते हुए पेन तोड़कर फेंक दिया।

इधर, कोर्ट के फैसले के बाद मृतक अमित के भाई सोनू ने कहा कि वह इस फैसले से काफी खुश है। ऐसे अपराधियों को यही सजा मिलनी चाहिए थी। रही बात अमित के बच्चों की तो वह उन्हें मेहनत मजदूरी करके पाल रहा है। दोषियों को फांसी की सजा मिलने के बाद मां मुनेश काफी भावुक दिखीं। उन्होंने कहा कि अदालत ने सही फैसला सुनाया है। मेरे बेटे की आत्मा को शांति मिलेगी। वह शुरू से ही दोषियों को मौत की सजा की मांग कोर्ट से कर रही थी।

उल्लेखनीय है कि अकबरपुर सादात गांव की रहने वाली रविता ने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर 12 अप्रैल 2025 की रात पति अमित की गला दबाकर हत्या कर दी थी। सर्पदंश से मौत दिखाने के लिए उसने शव के पास सांप छोड़ दिया था। पोस्टमार्टम में गला दबाने से मौत होने की पुष्टि के बाद पुलिस ने परिवार की तहरीर पर अमित की पत्नी और उसके प्रेमी अमरदीप को गिरफ्तार किया था। विवेचक दारोगा इंदू वर्मा ने सपेरे, रविता और अमरदीप के बीच हुई बातचीत की कॉल और तमाम साक्ष्य एकत्र किए।

जिला शासकीय अधिवक्ता फरजाना मकसूद ने बताया कि अदालत में सभी साक्ष्य पेश किए गये। इसके बाद 18 माह, 86 तारीखों में 12 गवाहों की गवाही के बाद अदालत ने 7 अक्टूबर को दोनों को दोषी करार दिया था। आज दोनों को सजा सुनाई गई है।