लखनऊ : नगर निगम कार्यकारिणी की बड़ी बैठक संपन्न, शहर के विकास, स्वच्छता, वायु गुणवत्ता और राजस्व से जुड़े अहम प्रस्तावों पर मुहर
लखनऊ : नगर निगम कार्यकारिणी की बड़ी बैठक संपन्न, शहर के विकास, स्वच्छता, वायु गुणवत्ता और राजस्व से जुड़े अहम प्रस्तावों पर मुहर
लखनऊ, 06 जुलाई । नगर निगम कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को मोहान रोड स्थित शिवरी सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट में महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में शहर के विकास, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, वायु गुणवत्ता निगरानी, पार्किंग व्यवस्था, विज्ञापन नीति, विद्युत आपूर्ति, नगर निगम कार्यालयों के विस्तार, मानव संसाधन, ई-कॉमर्स वेयरहाउस से राजस्व वसूली, शिक्षा, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पुराने कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया गया। इनमें अनेक प्रस्तावों को कार्यकारिणी ने मंजूरी प्रदान की।
सुशील तिवारी ‘पम्मी’ बने कार्यकारिणी उपाध्यक्ष
बैठक की शुरुआत में कार्यकारिणी समिति के उपाध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की गई। सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से कार्यकारिणी सदस्य सुशील तिवारी ‘पम्मी’ को उपाध्यक्ष चुना। उनके चयन पर महापौर सुषमा खर्कवाल सहित कार्यकारिणी सदस्यों ने शुभकामनाएं दीं। इसके बाद कार्यकारिणी के समक्ष विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए।
कार्यकारिणी सदस्य रहे मौजूद
बैठक में कार्यकारिणी सदस्य सुशील तिवारी ‘पम्मी’, अरुण राय, पृथ्वी गुप्ता, संजय सिंह राठौर, संदीप शर्मा, राजीव बाजपेई, पिंकी रावत, रश्मि सिंह और विनोद यादव उपस्थित रहे।
नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया भाग
नगर निगम की ओर से नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव, अरुण कुमार गुप्त, डॉ. अरविंद कुमार राव, उप नगर आयुक्त रश्मि भारती, मुख्य अभियंता सिविल महेश वर्मा, मुख्य अभियंता आरआर मनोज प्रभात, मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी महामिलिंद लाल, जीएम जलकल कुलदीप सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, जोनल अधिकारी, अधिशासी अभियंता समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
वार्ड स्तर पर होगी वायु गुणवत्ता की निगरानी, लगेंगे 149 सेंसर
कार्यकारिणी समिति ने लखनऊ में वार्ड स्तर पर वायु गुणवत्ता की निगरानी और प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों की पहचान के लिए उन्नत प्रणाली स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके लिए नगर निगम एयरावत रिसर्च फाउंडेशन के साथ एमओयू करेगा। योजना के तहत शहर में 149 लो-कॉस्ट एयर क्वालिटी सेंसर लगाए जाएंगे, जो पीएम 2.5, पीएम 10 सहित प्रमुख प्रदूषकों की निगरानी करेंगे।
एआई आधारित प्रणाली रियल टाइम डेटा का विश्लेषण कर प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान करेगी और 24 से 72 घंटे तक का पूर्वानुमान उपलब्ध कराएगी। इस परियोजना की महत्वपूर्ण बात यह है कि इसके क्रियान्वयन पर नगर निगम का कोई वित्तीय खर्च नहीं होगा।
एलडीए के व्यावसायिक उपयोग वाले स्थलों से लिया जाएगा टैक्स और यूजर चार्ज
महापौर सुषमा खर्कवाल की ओर से बैठक में महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया कि एलडीए के पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों का कई स्थानों पर व्यावसायिक उपयोग किया जाता है, लेकिन नगर निगम अब तक ऐसे उपयोग पर कमर्शियल टैक्स और कमर्शियल यूजर चार्ज की वसूली नहीं करता था। कार्यकारिणी ने निर्णय लिया कि अब ऐसे व्यावसायिक उपयोग वाले स्थलों से नियमानुसार शुल्क लिया जाएगा। कार्यकारिणी ने कॉलोनियों के हस्तांतरण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। अब कोई भी कॉलोनी नगर निगम को तभी हस्तांतरित की जाएगी, जब उससे जुड़ी सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं पूरी तरह नगर निगम को सौंप दी जाएंगी। अधूरी सुविधाओं के साथ नगर निगम किसी कॉलोनी को टेकओवर नहीं करेगा। इस निर्णय का उद्देश्य भविष्य में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं और प्रशासनिक कठिनाइयों को रोकना है।