भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, अनुशासन और आदर्श आचरण की प्रेरणा: बांके बिहारी पाण्डेय
ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, गंगापुरी में धूमधाम से मना विजयादशमी पर्व; राम, सीता और हनुमान के स्वरूप में सजे विद्यार्थियों ने मोहा मन।
प्रयागराज, 17 अक्टूबर। विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, अनुशासन, त्याग और आदर्श आचरण की प्रेरणा देता है। विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को अपनाते हुए अपने जीवन में सत्य, सदाचार और कर्तव्यनिष्ठा को स्थान देना चाहिए। यह बात शनिवार को ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, गंगापुरी, रसूलाबाद के प्रधानाचार्य बांके बिहारी पाण्डेय ने विजयादशमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कही।
विद्यालय में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान के स्वरूप में सजे विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। रामायण के प्रसंगों के मंचन और प्रतीकात्मक रावण वध ने आयोजन को आकर्षक बना दिया।
विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया। रावण वध के आयोजन के माध्यम से असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का महत्व बताया। इस दौरान विद्यालय परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान रहा।
प्रधानाचार्य बांके बिहारी पाण्डेय ने कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें अपने भीतर की बुराइयों को पहचानकर उन्हें दूर करने की प्रेरणा देता है। विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम के आदर्शों से सीख लेते हुए अपने व्यवहार में सत्य, अनुशासन और सदाचार अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों में भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान बढ़ाने के साथ नैतिक मूल्यों के विकास में भी सहायक होते हैं। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अच्छे आचरण और आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा दी गई। आयोजन का समापन उत्साह और धार्मिक वातावरण के बीच हुआ।