छात्राओं को एआई आधारित करियर के लिए तैयार करना समय की आवश्यकता : प्रो. विनय कुमार पाठक

छात्राओं को एआई आधारित करियर के लिए तैयार करना समय की आवश्यकता : प्रो. विनय कुमार पाठक

छात्राओं को एआई आधारित करियर के लिए तैयार करना समय की आवश्यकता : प्रो. विनय कुमार पाठक

कानपुर, 28 जुलाई । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की कार्यशैली और रोजगार का आधार बन चुका है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि हमारी छात्राएं नई तकनीकों में दक्ष बनें और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हों।" यह बातें मंगलवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहीं।

सीएसजेएमयू में आज ‘एआई करियर्स फॉर वुमेन’ विषय पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बीबीए, बीसीए और बी.कॉम की लगभग 500 छात्राओं ने भाग लिया। इसका आयोजन कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की पहल के तहत एडुनेट फाउंडेशन ने माइक्रोसॉफ्ट और एसएपी के सहयोग से किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित भविष्य की कार्यशैली और रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना रहा। मुख्य वक्ता अंकित दीक्षित ने छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जेनरेटिव एआई, पायथन, एसक्यूएल, पावर बीआई, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, एक्सेल फॉर बिजनेस, डेटा एनालिसिस और एआई एथिक्स जैसे विषयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एआई अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉमर्स, मैनेजमेंट, बिजनेस, उद्यमिता और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया में भी इसकी भूमिका तेजी से बढ़ रही है।

ओरिएंटेशन कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित किया गया। पहले सत्र में बीसीए तथा दूसरे सत्र में बीबीए और बी.कॉम की छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्री-फाइनल और फाइनल ईयर की छात्राओं को एआई आधारित प्रशिक्षण, उद्योग समर्थित प्रमाणपत्र, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, कैपस्टोन प्रोजेक्ट, प्लेसमेंट सहायता और चयनित छात्राओं के लिए पेड इंटर्नशिप के अवसरों की जानकारी दी गई।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार माइक्रोसॉफ्ट और एसएपी जैसे उद्योग सहयोगियों के साथ यह पहल महिला विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों से जोड़ने और उन्हें भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं में एआई के प्रति जागरूकता, आत्मविश्वास और तकनीकी कौशल विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के छह वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर तकनीक आधारित शिक्षा और उद्योग से जुड़ी सीख को बढ़ावा देने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।