बकाया फीस के कारण टीसी न देने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, डीआईओएस से जवाब तलब

बकाया फीस के कारण टीसी न देने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, डीआईओएस से जवाब तलब

बकाया फीस के कारण टीसी न देने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, डीआईओएस से जवाब तलब

प्रयागराज, 22 जुलाई । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बुधवार को गौतमबुद्ध नगर स्थित एक स्कूल द्वारा छात्रा को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) जारी न किए जाने के मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक से जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने यह आदेश याचिकाकर्ता माही प्रियदर्शी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

याची नोएडा एक्सटेंशन स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा थीं। आर्थिक तंगी और खराब स्वास्थ्य के चलते वह स्कूल की फीस चुकाने में असमर्थ रहीं और उन्होंने प्रधानाचार्य से अपना ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी करने का अनुरोध किया, ताकि वह किसी अन्य संस्थान में दाखिला ले सकें। लेकिन स्कूल प्रशासन ने टीसी जारी करने से इन्कार कर दिया।

छात्रा ने 19 जून 2026 को जिलाधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक, गौतमबुद्ध नगर को पंजीकृत डाक से प्रतिवेदन भेजा, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे परेशान होकर छात्रा को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी।

अदालत ने पाया कि पंजीकृत डाक रसीदों से यह स्पष्ट है कि प्रतिवेदन संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा था, फिर भी उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि जिला विद्यालय निरीक्षक, गौतमबुद्ध नगर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर बताएं कि प्रतिवेदन प्राप्त हुआ था या नहीं, उस पर क्या कार्रवाई हुई और अब तक निर्णय न लेने का कारण क्या है। रजिस्ट्रार (कंप्लायंस) इस आदेश की प्रति उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा सचिव को भेजें, जो एक सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करेंगे कि कर्तव्य निर्वहन में विफल रहने वाले निरीक्षक के खिलाफ सेवा नियमों के तहत क्या अनुशासनात्मक प्रावधान लागू होते हैं। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई 2026 को दोपहर 2 बजे तय की गई है।