विद्यालय का दर्पण होता है प्रधानाचार्य : हेमचंद्र

विद्यालय का दर्पण होता है प्रधानाचार्य : हेमचंद्र

विद्यालय का दर्पण होता है प्रधानाचार्य : हेमचंद्र

प्रयागराज, 18 मई। ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गंगापुरी रसूलाबाद में दस दिवसीय क्षेत्रीय नवचयनित प्रधानाचार्य प्रशिक्षण वर्ग का शुभारम्भ हुआ। मुख्य अतिथि विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचंद्र ने कहा कि'प्रधानाचार्य विद्यालय का दर्पण होता है। एक कुशल नेतृत्वकर्ता ही विद्यालय को उत्कृष्टता के केंद्र में बदल सकता है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन में आप सभी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।'

विद्यालय के प्रधानाचार्य बांके बिहारी पाण्डेय ने अतिथि परिचय व सम्मान कराया एवं कार्यक्रम की प्रस्ताविकी रखते हुए कहा कि शिक्षा गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित ‘क्षेत्रीय नवचयनित प्रधानाचार्य प्रशिक्षण वर्ग’ का आयोजन विद्यालय के वंदना सभागार में हुआ। उन्होंने बताया कि सायं 17 मई से 27 मई तक चलने वाले इस प्रशिक्षण वर्ग में विद्या भारती द्वारा संचालित विद्यालयों के चारों प्रान्तों (काशी प्रांत, कानपुर प्रांत, अवध प्रांत एवं गोरक्ष प्रांत) से नवचयनित कुल 100 प्रधानाचार्यों ने सहभागिता की।

क्षेत्रीय प्रशिक्षण प्रमुख दिनेश कुमार सिंह ने ‘शैक्षणिक नेतृत्व एवं नवाचार’ विषय पर बताया कि कक्षा-कक्ष प्रक्रिया को रोचक बनाने,लर्निंग आउटकम आधारित शिक्षण करने और उपचारात्मक शिक्षण की रणनीति अपनाने से ही परिणाम सुधरेंगे।

विद्यालय के प्रबंधक राकेश सिंह सेंगर ने 'विद्यालय प्रबंधन एवं वित्तीय नियम' सत्र में पीएफएमएस,जेम पोर्टल,जीएसटी,विद्यालय विकास अनुदान व समग्र शिक्षा के बजट उपयोग की बारीकियां समझाईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्तीय पारदर्शिता ही भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था की कुंजी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं डिजिटल शिक्षा' पर केंद्रित रहा।

कार्यक्रम अध्यक्ष उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सेवानिवृत्त सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने कहा कि प्रधानाचार्य पर शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन, अभिभावक संतुष्टि व विभागीय सूचनाओं का दबाव रहता है। ऐसे में टीम बनाकर काम करना, कार्यों का विकेंद्रीकरण और योग-ध्यान तनाव कम करने में सहायक हैं। इस दौरान वर्ग अधिकारी विजय कुमार राय, कमलेश सिंह, विद्या भारती काशी प्रांत के प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

मीडिया प्रभारी दीपक कुमार मिश्र ने बताया कि प्रशिक्षण की विशेषता इसके व्यावहारिक सत्र रहे। 'मॉडल टाइम-टेबल निर्माण', 'आचार्य डायरी जांच प्रक्रिया', 'अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजन' व 'विद्यालय विकास योजना तैयार करना' जैसी कार्यशालाओं में प्रधानाचार्यों ने समूह में कार्य कर प्रस्तुतीकरण दिया। आगामी दिनों में प्रशिक्षक के रूप में अशोक उपाध्याय एवं गणेश दत्त द्वारा विद्यालय के उन्नयन एवं शैक्षिक उन्नयन की दृष्टि से प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।