हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे हाेने पर गोरखपुर में संगोष्ठी, विरासत से भविष्य तक पर हुई गहन चर्चा
-लेखक और पत्रकार दोनों का कार्य समाज को देखना और उसे शब्द देना है-पद्मश्री प्रो. विश्वनाथ तिवारी
गोरखपुर, 31 मई । हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर रविवार काे गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब एवं मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में प्रेस क्लब सभागार में हिंदी पत्रकारिता: विरासत, संघर्ष और भविष्य” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, वरिष्ठ पत्रकारों एवं बड़ी संख्या में मीडिया कर्मियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने हिंदी पत्रकारिता के इतिहास को याद करते हुए कहा कि पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने 30 मई 1826 को कलकत्ता से हिंदी के पहले समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ का प्रकाशन कर एक ऐतिहासिक शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में इस प्रकार का कार्य अत्यंत साहसिक था और यह भारतीय समाज को अपनी भाषा में अभिव्यक्ति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था।
इस दौरान प्रेस क्लब अध्यक्ष द्वारा प्रेस क्लब में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की मांग रखी गई। मुख्य अतिथि ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए लाइब्रेरी के लिए प्रस्तावित कक्ष का निरीक्षण किया और प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए, ताकि प्रेस क्लब में आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना हो सके और पत्रकारों को अध्ययन व शोध की बेहतर सुविधा मिल सके।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पद्मश्री प्रो. विश्वनाथ तिवारी ने कहा कि लेखक और पत्रकार दोनों का कार्य समाज को देखना और उसे शब्द देना है। उन्होंने कहा कि समाज जो नहीं कह पाता, उसे पत्रकार अपनी लेखनी के माध्यम से व्यक्त करता है। पत्रकारिता का जन्म ही संघर्ष के बीच हुआ है और इसका उद्देश्य अभिव्यक्ति को स्वर देना रहा है। उन्होंने प्रेमचंद की पत्रकारिता, ‘मर्यादा’ और ‘माधुरी’ जैसी पत्रिकाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदी साहित्य और पत्रकारिता का गहरा संबंध रहा है। साथ ही महात्मा गांधी के ‘इंडियन ओपिनियन’, ‘यंग इंडिया’ और ‘नवजीवन’ जैसे प्रकाशनों का जिक्र किया।
विशिष्ट अतिथि शिव शरण सिंह ने इस कार्यक्रम की प्रशंसा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने की। मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति, गोरखपुर के अध्यक्ष अरविंद राय ने कहा कि पत्रकारों को अपने पेशे के प्रति ईमानदार रहना चाहिए। कार्यक्रम का शुभारंभ गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी द्वारा स्वागत संबोधन से हुआ,जबकि संचालन मुमताज खान ने किया। अंत में सभी अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया और उपस्थित पत्रकारों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से संस्थापक सदस्य श्रीकृष्ण त्रिपाठी, एसपी सिंह,पूर्व अध्यक्ष अशोक चौधरी,रितेश मिश्र, सफी आजमी,सहित अन्य पूर्व पदाधिकारी,और वरिष्ठ पत्रकार मौजूद रहे।