बीएचयू में बारिश के जलजमाव से निपटने के लिए तैयारी

बीएचयू में बारिश के जलजमाव से निपटने के लिए तैयारी

बीएचयू में बारिश के जलजमाव से निपटने के लिए तैयारी


वाराणसी, 27 जून । उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में मानसून के दौरान परिसर के विभिन्न हिस्सों में जमा होने वाले वर्षा जल की चुनौती से निपटने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। मानसून आने के पहले इस अभियान के प्रभावी संचालन तथा वर्षा जल निकासी व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने नगर निगम वाराणसी और उत्तर प्रदेश जल निगम के साथ एक समन्वित कार्य-तंत्र स्थापित किया है। बीते 06 जून से आरंभ हुए इस अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय के विस्तृत वर्षा जल निकासी नेटवर्क की सफाई, गाद हटाने तथा उसके सुदृढ़ीकरण का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मानसूनी वर्षा के दौरान परिसर में जलजमाव को नियंत्रित करना, आवागमन को सुचारू बनाए रखने का प्रयास करना तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के निर्बाध संचालन को बनाए रखना है। शनिवार को यह जानकारी विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क कार्यालय ने दी। बताया गया कि विश्वविद्यालय का निर्माण विभाग, स्वच्छता एवं सहायता सेवाएं तथा बागवानी विभाग—तीनों मिलकर मानसून के आगमन से पूर्व नालियों की सफाई एवं गाद निकालने का कार्य कर रहे हैं। परिसर के विशाल भौगोलिक विस्तार को देखते हुए सफाई एवं जल निकासी सुधार कार्यों को कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जिससे कार्य की गति एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके।

अस्पताल एवं आपातकालीन चिकित्सा मार्ग

जनसम्पर्क अधिकारी ने बताया कि परिसर स्थित सर सुन्दरलाल चिकित्सालय एवं ट्रॉमा सेंटर के आसपास उच्च प्राथमिकता के साथ कार्य किया जा रहा है। एम्बुलेंस एवं मरीजों की निर्बाध आवाजाही के लिए सर सुंदरलाल चिकित्सालय से महिला महाविद्यालय और ट्रॉमा सेंटर की ओर जाने वाली कंक्रीट वर्षा जल निकासी लाइनों की सफाई को प्राथमिकता दी जा रही है। यह कार्य शीघ्र ही आरंभ होने जा रहा है। अत्यधिक वर्षा की स्थिति में जलभराव से त्वरित रूप से निपटने के लिए मुख्य परिसर एवं ट्रॉमा सेंटर के संवेदनशील निचले क्षेत्रों में उच्च क्षमता वाले जल पंप स्थापित किए जा रहे हैं। यह पंप अगले 2-3 दिनों में पहुँच जाएंगे। इन पंपों के माध्यम से अतिरिक्त वर्षा जल को शीघ्रता से निकालकर विश्वविद्यालय परिसर के आंतरिक जलाशयों की ओर प्रवाहित किया जाएगा। इससे जलभराव की समस्या को कम करने के साथ-साथ जलाशयों के जल स्तर में भी सुधार होगा। ट्रॉमा सेंटर से सामने घाट की ओर वाले नाले की सफाई का कार्य जल निगम और वाराणसी नगर निगम द्वारा शुरू कर दिया गया है।

शैक्षणिक एवं छात्रावास क्षेत्र

समर्पित मेंटेनेंस दल केंद्रीय परिसर, विभिन्न शैक्षणिक विभागों तथा छात्रावास परिसरों में स्थित खुली एवं आंतरिक जल निकासी लाइनों की सफाई का कार्य कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि परिसर में लोगों को मानसून के दौरान होने वाली असुविधा को न्यूनतम किया जा सके, इसलिए समयबद्ध ढंग से पूरा करने के प्रयास किये जा रहे हैं।