प्रयागराज: सर्पदंश ने ली दो जिंदगियां, मासूम बच्ची और महिला बनीं शिकार; क्षेत्र में दहशत का माहौल
प्रयागराज: सर्पदंश ने ली दो जिंदगियां, मासूम बच्ची और महिला बनीं शिकार; क्षेत्र में दहशत का माहौल
प्रयागराज, 13 जुलाई (। जनपद प्रयागराज में बीते चौबीस घंटों के भीतर सर्पदंश की दो अलग-अलग घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया है। इन दर्दनाक हादसों में एक मासूम बच्ची समेत कुल दो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। दोनों ही मामलों में सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर विस्तृत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के कारणों की पुष्टि की जा सके और आगे की विधिक कार्रवाई पूरी की जा सके। यह घटनाएं एयरपोर्ट और नवाबगंज थाना क्षेत्र में सामने आई हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पहली घटना: एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में बच्ची की मौत
जानकारी के अनुसार, पहली हृदय विदारक घटना नगर के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के खटंगइया गांव में घटित हुई। अपर पुलिस उपायुक्त नगर अभिजीत कुमार ने इस संबंध में बताया कि रविवार को एयरपोर्ट थाने को सूचना प्राप्त हुई कि खटंगइया गांव की निवासी निशा कुमारी (पुत्री संतोष) की सर्पदंश से असामयिक मृत्यु हो गई है। सूचना पाकर तत्काल घटना स्थल पर पहुंची पुलिस टीम ने शोकाकुल परिवार से आवश्यक तहरीर प्राप्त कर अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि शनिवार रात निशा अपने घर के अंदर गहरी नींद में सो रही थी। तभी अचानक एक विषैले सर्प ने उसे डस लिया। सर्पदंश के तुरंत बाद निशा जोर से चीख पड़ी, जिसकी आवाज सुनकर परिवार के सभी सदस्य घबराकर जाग गए। उन्होंने देखा कि निशा दर्द से कराह रही थी। बिना देर किए, परिजन उसे आनन-फानन में इलाज के लिए स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय लेकर पहुंचे और भर्ती कराया। चिकित्सकों ने बच्ची को बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन जहरीले सांप के दंश का प्रभाव इतना गहरा था कि दोपहर बाद निशा ने उपचार के दौरान ही दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
दूसरी घटना: नवाबगंज में घास हटाते समय महिला को डसा
वहीं, सर्पदंश से संबंधित दूसरी दुर्भाग्यपूर्ण घटना नवाबगंज थाना क्षेत्र के सराय हरीराय गांव में सामने आई। यहां 50 वर्षीय सवारी देवी (पत्नी स्वर्गीय पन्नालाल) रविवार को अपने घर के निकट बने बर्तन धुलने वाले स्थान पर साफ-सफाई कर रही थीं और घास हटा रही थीं। इसी दौरान, घास के ढेर में छिपे एक सर्प ने अचानक उनके हाथ में डस लिया। सर्पदंश की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य सकते में आ गए और बिना एक पल गंवाए उन्हें तत्काल स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अस्पताल में भर्ती कराया।
सीएचसी के चिकित्सकों ने सवारी देवी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत बेहतर इलाज के लिए तेज बहादुर सप्रू चिकित्सालय (टीबी सप्रू अस्पताल) रेफर कर दिया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था। सवारी देवी को अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद जब तक उन्हें टीबी सप्रू अस्पताल ले जाया जाता, रास्ते में ही उनकी तबियत लगातार बिगड़ती गई और दुर्भाग्यवश अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसे थम गईं।
इस दुखद घटना के बाद, परिवार के लोग अत्यधिक सदमे में थे। वे सवारी देवी के शव को लेकर घर वापस चले गए। बाद में, उन्होंने स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम तत्काल सराय हरीराय गांव पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो पाएगी और आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इन घटनाओं ने एक बार फिर से ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश से बचाव और तुरंत उपचार की आवश्यकता पर बल दिया है।