प्रयागराज पुलिस की बड़ी कामयाबी: शादी के नाम पर हुई लाखों की ठगी, साइबर टीम ने ₹3.81 लाख वापस दिलाए!
सावधान! मैट्रिमोनियल साइट्स पर बढ़ रहा है फ्रॉड, प्रयागराज पुलिस ने बचाई लाखों की ठगी
प्रयागराज, दिनांक 19 जुलाई, 2025 – प्रयागराज कमिश्नरेट की साइबर क्राइम पुलिस टीम ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में अहम सफलता हासिल की है। टीम ने त्वरित और सफल कार्यवाही करते हुए एक पीड़ित महिला के ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार हुए खातों से निकाले गए 3,81,000/- रुपये की राशि को सफलतापूर्वक होल्ड कराकर वापस उसके खाते में जमा करा दिया है। यह उपलब्धि प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट के साइबर अपराधों के खिलाफ चल रहे निरंतर अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उच्चाधिकारियों के निर्देशन में मिली सफलता: यह सराहनीय कार्यवाही श्रीमान् पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट प्रयागराज के कुशल निर्देशन में तथा पुलिस उपायुक्त गंगानगर/नोडल साइबर के कुशल पर्यवेक्षण एवं सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम) के प्रभावी नेतृत्व में सम्पन्न हुई। साइबर क्राइम थाना की विशेष टीम ने इस जटिल मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की।
मामले का विवरण: यह मामला साइबर क्राइम थाना पर पंजीकृत मु0अ0सं0-19/2025 से संबंधित है। यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (भा0न्या0सं0) की धारा 319(2) एवं 318(4) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (आई.टी. एक्ट) की धारा 66(सी) एवं 66(डी) के तहत पंजीकृत किया गया था। इस मामले में, मुकदमा वादिनी (पीड़िता) के साथ एक गंभीर साइबर ठगी की घटना हुई थी। मेट्रीमोनियल वेबसाइट के माध्यम से संपर्क में आए एक अज्ञात व्यक्ति ने पीड़िता को शादी का झाँसा देकर कुल 7,72,500/- रुपये की बड़ी राशि धोखे से निकाल ली थी। ठग ने विभिन्न बहानों जैसे ‘वीजा प्रोसेसिंग फीस’, ‘कस्टम ड्यूटी’ या ‘उपहार भेजने’ आदि के नाम पर यह राशि हड़पी थी।
पुलिस टीम की त्वरित कार्यवाही: साइबर ठगी की सूचना मिलते ही, साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम ने इस मुकदमे में तत्काल कार्यवाही शुरू कर दी। टीम ने बिना किसी देरी के, संबंधित बैंकों और विभिन्न ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म्स से सक्रिय रूप से संपर्क साधा। साइबर विशेषज्ञों ने तकनीकी जांच और समन्वय के माध्यम से धोखाधड़ी से निकाले गए धन के फ्लो को ट्रैक किया और 3,81,000/- रुपये की राशि को सफलतापूर्वक 'होल्ड' करा लिया। अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप, यह रिकवर की गई राशि आज दिनांक 19.07.2025 को पीड़िता के बैंक खाते में सुरक्षित रूप से वापस करा दी गई, जिससे उसे बड़ी आर्थिक और मानसिक राहत मिली।
पीड़िता ने जताया आभार: अपने पैसे वापस मिलने पर, आवेदिका (पीड़िता) अपनी खुशी और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए स्वयं पुलिस कार्यालय उपस्थित हुईं। उन्होंने प्रयागराज पुलिस के उच्चाधिकारियों और साइबर अपराध थाना टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा की, उनकी त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए धन्यवाद पत्र भी सौंपा। यह पुलिस के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करता है।
पुलिस टीम का विवरण: इस महत्वपूर्ण सफलता को हासिल करने में निम्नलिखित पुलिस टीम के सदस्यों का योगदान सराहनीय रहा है:
- प्र0नि0 राजीव कुमार तिवारी, थाना साइबर सेल, कमिश्नरेट प्रयागराज
- निरी0 आलमगीर, थाना साइबर सेल, कमिश्नरेट प्रयागराज
- म0आ0 प्रियांशी सिंह, थाना साइबर सेल, कमिश्नरेट प्रयागराज
साइबर जागरूकता एवं अपील: प्रयागराज पुलिस, अपने निरंतर साइबर जागरूकता अभियान के तहत, आम जनता से अपील करती है कि वे साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए अत्यंत सतर्क रहें और निम्नलिखित व्यवहारिक उपायों का पालन करें:
- व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें: किसी भी अज्ञात व्यक्ति या संदिग्ध वेबसाइट पर अपनी निजी, वित्तीय या संवेदनशील जानकारी (जैसे OTP, PIN, पासवर्ड, बैंक विवरण) साझा करने से बचें।
- मजबूत पासवर्ड का प्रयोग: अपने ऑनलाइन खातों के लिए जटिल और अद्वितीय पासवर्ड का उपयोग करें, जिसमें अक्षर, संख्याएँ और विशेष वर्ण शामिल हों।
- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA): जहाँ भी संभव हो, अपने खातों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (दो-चरणीय सत्यापन) को सक्रिय करें।
- संदिग्ध लिंक/कॉल से सावधान रहें: अज्ञात स्रोतों से प्राप्त ईमेल, संदेशों में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें या संदिग्ध कॉल्स पर विश्वास न करें। हमेशा स्रोत की सत्यता की जांच करें।
- तत्काल रिपोर्ट करें: यदि आप किसी साइबर अपराध के शिकार होते हैं या किसी धोखाधड़ी का संदेह होता है, तो बिना किसी देरी के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर या राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल रिपोर्ट करें। आपकी त्वरित कार्रवाई धन की वसूली में अत्यधिक सहायक हो सकती है।